दिल्ली में यमुना नदी के जलस्तर में गिरावट आई है लेकिन आफत अभी भी दिल्लीवासियों पर छाई हुई है क्योंकि पानी अभी भी सड़को पर भरा हुआ है और अब एक बड़ी लापरवाही से पर्दाफाश भी हुआ है कि आईटीओ के पास बने पांच बैराज स्तिथि को देखते हुए समय से खोले नहीं गए जिसकी वजह से यमुना का पानी दिल्ली की सड़को पर आ गया।
अब इन गेटों को खोलने के लिए नेवी, एयरफोर्स, और भारतीय सेना की टीमें एंट्री ले चुकी हैं। 14 जुलाई की शाम को आईटीओ का एक गेट खोला गया लेकिन अभी चार गेट नहीं खोले जा सके हैं। इसके लिए मुंबई से वेस्टर्न नेवल कमांड की टीम दिल्ली आ रही है।
नेवी की टीम में डाइवर्स, वेल्डिंग और कटिंग के विशेषज्ञ शामिल हैं। इस मिशन में एयरफोर्स भी शामिल है। मुंबई में स्टैंडबाय पर खड़ी 8-12 लोगों की इस टीम भारतीय वायुसेना की सर्विस एयरक्राफ्ट से दिल्ली लाए जाएगा। वहीं आप पार्टी ने इस मुश्किल घड़ी में आरोप लगाने से पीछे नहीं हटी। दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज राजधानी को जानबूझकर डुबोया गया है सारा पानी हथिनीकुंड से केवल दिल्ली ही क्यों छोड़ा गया।
पानी में डूबा हुआ दिल्ली, लोगो की रहने की छत छिन चुकी है लेकिन इसमें भी राजनीति आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया है। आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने इस बाढ़ के पानी दिल्ली में आने को लेकर भाजपा पर ही निशाना साध दिया है।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि हथिनीकुंड से पानी केवल दिल्ली ही क्यों छोड़ा गया जबकि पश्चिमी नहर के लिए कोई पानी नहीं छोड़ा गया। इस पर राजनीति की जा रही है। आप सांसद संजय सिंह ने भी भाजपा पर आरोप लगाया कि दिल्ली को बर्बाद करने की साज़िश, मोदी जी की दिल्ली के प्रति नफ़रत है। मोदी जी देश को अनाथ छोड़कर फ़्रांस के सैर पर निकल गए जब देश के पांच राज्य बाढ़ की तबाही झेल रहे हैं।’
वहीं सीएम केजरीवाल ने दिल्ली में आए पानी को लेकर सारा दोष हिमाचल और हरियाणा पर थोप डाला और कहा कि यह हमारा लोकल पानी तो है नहीं। इतना पानी हैंडल करने की दिल्ली की कैपेसिटी आज तक नहीं थी। 1978 के बाद पहली बार इतना पानी आया है। यह राजनीति का समय नहीं है एक दूसरे पर दोष मढ़ने की बजाय सबको मिलकर काम करना चाहिए।

