Political News: उत्तर प्रदेश में नौकरियों में आरक्षण को लेकर सियासत गरमा गई है। पिछले दिनों केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल द्वारा सीएम योगी आदित्यनाथ को लिखे गए पत्र की खूब चर्चा हुई थी। अब डिप्टी सीएम केशव मौर्य का एक पत्र चर्चा में आया है। डिप्टी सीएम ने नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर आउटसोर्सिंग और संविदा के जरिए नौकरियों में आरक्षण के लाभ की जानकारी मांगी है। सोशल मीडिया पर एक पत्र वायरल हो रहा है।
इस बारे में मांगी जानकारी
दावा किया जा रहा है कि यह पत्र डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग को लिखा है। इसमें लिखा है: “11 अगस्त को विधान परिषद में प्रश्नों की ब्रीफिंग के दौरान मैंने कार्मिक विभाग के अधिकारियों से आउटसोर्सिंग/संविदा के आधार पर कार्यरत कुल अधिकारियों/कर्मचारियों की संख्या के संबंध में जानकारी मांगी थी।
विभाग के पास यह जानकारी उपलब्ध न होने के कारण मैंने 16 अगस्त 2023 को पत्र लिखकर जानकारी एकत्रित करने के साथ ही आरक्षण के संबंध में पूर्व में जारी शासनादेशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा था। अतः उपरोक्त के संबंध में आरक्षण के संबंध में पूर्व में जारी शासनादेशों के अनुसार समस्त विभागों से सूचना संकलित कर मेरे समक्ष प्रस्तुत करने की कृपा करें।”
अनुप्रिया पटेल ने भी उठाया आरक्षण का मुद्दा
डिप्टी सीएम केशव मौर्य का पत्र ऐसे समय में सामने आया है, जब यूपी की राजनीति में भाजपा संगठन और सरकार के बीच रस्साकशी की चर्चाएं चरम पर हैं। जाहिर है, लोग अपने-अपने तरीके से इस पर चर्चा कर रहे हैं। इससे पहले केंद्रीय मंत्री और अपना दल (एस) प्रमुख अनुप्रिया पटेल ने भी नौकरियों में आरक्षण को लेकर सीएम योगी को पत्र लिखा था। उन्होंने आरोप लगाया था कि राज्य सरकार की साक्षात्कार आधारित नियुक्तियों में ओबीसी, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों को यह कहकर बाहर रखा जा रहा है कि वे उपयुक्त नहीं हैं। उन्हें “उपयुक्त नहीं पाया गया” का लेबल देकर नियुक्तियों से वंचित किया जा रहा है। बाद में ऐसे पदों को अनारक्षित घोषित कर दिया जाता है।

