प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैं राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद करता हूं। मेरा सौभाग्य रहा कि मुझे पहले भी कई बार राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद करने का अवसर मिला है, लेकिन इस बार मैं धन्यवाद के साथ-साथ राष्ट्रपति जी का अभिनंदन भी करना चाहता हूं।
इस दौरान प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर जमकर बरसे भी। प्रधानमंत्री ने विपक्ष को आइना दिखाते हुए कांग्रेस की यूपीए 2 की सरकार की याद दिलाई। उस दौरान हुई आतंकी हमलों से लेकर महंगाई के मुद्दे तक पर जमकर निशाना साधा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2004 से 2014 के बीच देश की अर्थव्यवस्था काफी ख़राब हो गई थी, महंगाई डबल डिजिट में थी। निराशा नहीं होगी, तो क्या होगा। जिन्होंने बेरोजगारी दूर करने के वादे किए थे, वे तो घोटालों के आरोपों से ही घिरे रहे। भारत के आजादी के इतिहास में वह सबसे ज्यादा घोटालों का दशक रहा।
यूपीए के वही दस साल में कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत के हर कोने में आतंकी हमलों का सिलसिला चलता रहा। चारों तरफ यही सूचना रहती थी कि अनजानी चीज को हाथ नहीं लगाना, दूर रहना। इन दस साल में जम्मू-कश्मीर से पूर्वोत्तर तक हिंसा ही हिंसा थी। भारत की आवाज ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर इतनी कमजोर थी कि दुनिया सुनने को तैयार नहीं थी।
ये 2जी में फंसे रहे। जब असैन्य परमाणु करार हुआ, तब ये वोट के बदले नोट में फंसे रहे। 2010 में राष्ट्रमंडल खेल हुए। भारत को दुनिया के सामने प्रस्तुत का अवसर था। फिर घोटाले में पूरा देश दुनिया में बदनाम हो गया।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि देश पर कितने ही आतंकी हमले हुए। 2008 के आतंकी हमलों को कोई भूल नहीं सका। उनमें आंख में आंख मिलाकर हमले करने का सामर्थ्य नहीं था। आतंकियों के हौसले बुलंद होते गए। 10 साल तक खून बहता रहा। 2014 के पहले का दशक लॉस्ट डिकेड के रूप में जाना जाना चाहिए। यह दशक इंडियाज डिकेड कहलाएगा।
इस पर लोकसभा में सांसदगण मेज थपाथपाकर ठहाके लगाकर हंसने लगे। इस बीच पीएम ने विपक्ष की ओर देखा। मेजें थपथपाए जाने पर प्रधानमंत्री ने चुटकी लेते हुए कहा कि शुक्रिया शशि जी। सत्ता पक्ष के सदस्यों में से किसी ने कहा कि कांग्रेस में बंटवारा हो गया।

