भारत सरकार के दिशा-निर्देशों से उत्तर प्रदेश की सरकार खरीफ 2023 से रबी 2025-26 तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना (Fasal Bima Yojana) को प्रदेशभर में लागू करने का फैसला किया है।
सीएम योगी ने अपने मंत्रिमंडल के साथ बैठक कर इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस योजना से 18फसलों पर फायदा मिल सकेगा। आधिकारिक बयान में बताया गया है कि प्राकृतिक आपदाओं, रोगों, कृमियों से फसल की क्षति की स्थिति में कृषकों को बीमा कवर के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से प्रदेश के सभी जनपदों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लागू किया जाएगा।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से प्रदेश के समस्त जिलों में कुल 18 फसलों यानी खरीफ मौसम में धान, मक्का, ज्वार, बाजरा, उर्द, मूंग, मूंगफली, तिल, सोयाबीन व अरहर (10 फसलें) और रबी मौसम में फसल गेहूं, जौ, चना, मटर, मसूर, अलसी, लाही-सरसों और आलू (आठ फसलें) को ग्राम पंचायत स्तर पर बीमित किया जाएगा।
आधिकारिक बयान में यह भी कहा गया कि फसल की बीमित धनराशि फसल की उत्पादन लागत के अनुरूप होगी। फसलों को वास्तविक प्रीमियम दर पर बीमित किया जाएगा। कृषकों द्वारा वहन किया जाने वाला प्रीमियम अंश खरीफ मौसम में बीमित राशि का 2.0 प्रतिशत और रबी मौसम में 1.5 प्रतिशत या वास्तविक प्रीमियम दर, जो कम हो, तक सीमित रखा जाएगा। गौरतलब है कि योगी मंत्रिमंडल की हुई बैठक के बाद पास हुए प्रस्तावों के बारे में उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने जानकारी दी है।

