कहते हैं आज के दौर में लोग किसी भी शख्सियत का आंकलन उसके कपड़े से करते हैं जबकि 2 दसक पूर्व किसी भी शख्स का अंदाजा उसके कपड़ों से नहीं बल्कि उनके कामों से लगाया जाता था, लेकिन आज के नए भारत में भारत की राजनीति में सूट बूट का अलग ही क्रेज है, कई दिनों से ये भी देखने को मिला है कि विपक्ष की राजनीतिक धूरी कहीं न कहीं मोदी जी के कपड़े भी रहते हैं।
आपको बता दें कि एक बार फिर से पीएम मोदी के कपड़े सुर्खियों में आ गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज जैसे ही राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव देने के लिए संसद पहुंचे वैसे ही उनके कपड़ों की चर्चा मीडिया में होने लगी।
आखिर पीएम मोदी ने क्यों पहनी खराब बोतलों से बनी जैकेट
जानकारी के लिए बता दें कि पीएम मोदी ने जो जैकेट पहनी है वो सच में बहुत खास है उसके बारे में हर एक जागरूक नागरिक को जानना और समझना चाहिए। जो जैकेट मोदी ने पहनी है वो प्लास्टिक की खराब बोतलों को रिसाइकिल करके बनाई गई है। आपको बता दें कि इसे सोमवार को बेंगलुरु में इंडिया एनर्जी वीक में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने पीएम मोदी को भेंट की थी। कंपनी ने इसी तरह से प्लास्टिक की खराब बोतलों से ड्रेस बनाने की योजना बनाई है। इसे Unbottled इनिशिएटिव का नाम दिया गया है।
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन किया बड़ा प्रयास
जानकारी के लिए बता दें कि इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने हर साल 10 करोड़ PET बोतलों का रिसाइकिल करने की योजना बनाई है। गौरतलब है कि इन कपड़ों से रिसाइकिल होने वाली इन बोतलों से कपड़े बनाए जाएंगे। ट्रायल के तौर पर इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के विशेषज्ञों ने जैकेट तैयार की है। इतना ही नहीं इस कंपनी ने देश के प्रधानमंत्री को इस अनोखी जैकेट को भेंट भी किया है।
इंडियन ऑयल के मुताबिक एक यूनिफॉर्म को बनाने में कुल 28 बोतल को रिसाइकिल किया जाता है। इस तकनीक के पीछे का उद्देश्य पर्यावरण को सुरक्षित रखने से जुड़ा हुआ है। सबसे खास बात ये है कि इतनी बड़ी प्रक्रिया में एक बूंद भी पानी का खर्च नहीं हुआ है।
इससे पर्यावरण के संरक्षण में मदद मिलेगी और पानी की भी भारी बचत होगी। कॉटन को कलर करने में भारी मात्रा में पानी का इस्तेमाल किया जाता है जबकि पॉलीस्टर की डोप डाइंग भी की जाती है। इसमें पानी की एक बूंद का भी इस्तेमाल नहीं होता है। आईओसी की योजना PET बोतलों का इस्तेमाल करके सशस्त्र बलों के लिए नॉन-कॉम्बैट यूनिफॉर्म बनाने की भी है।
सूत्रों से मिली जानकारी के हिसाब से इस तरह की जैकेट को बनाने में औसतन 15 बोतल का इस्तेमाल होता है। एक पूरी यूनिफॉर्म बनाने में औसतन 28 बोतल का प्रयोग किया जाता है। वीडियो के अंत में ये भी जान लीजिए कि आखिर देश के पीएम ने जो जैकेट आज पहनी है वो कहां पर तैयार की गई है।
पीएम मोदी के लिए तमिलनाडु के करूर की कंपनी श्री रेंगा पॉलीमर्स ने जैकेट तैयार को तैयार किया है। कंपनी के मैनेजिंग पार्टनर सेंथिल शंकर ने ये भी दावा किया कि उन्होंने इंडियन ऑयल को PET बॉटल से बने नौ रंग के कपड़े दिए थे। इंडियन ऑयल ने गुजरात में प्रधानमंत्री के टेलर से यह जैकेट तैयार करवाई है, जो कि सियासत से परे सच में एक रोचक बात है।
हालांकि हमारे देश में हर मुद्दे में राजनीतिक रंग घोलने का प्रयास किया जाता है, लेकिन ये जैकेट का मुद्दा शायद देशहित मे है, क्योकि ये सीधे तौर पर किसी राजनितिक पार्टी से नहीं बल्कि पर्यावरण से जुड़ा हुआ है ।

