भारत और ऑस्ट्रेलिया अपनी मित्रता का 75वीं वर्षगांठ मना रहा है। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज चार दिवसीय भारत यात्रा पर आए हुए है। आज यानी शुक्रवार को उनका राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया है। इसके बाद दोनों नेताओं ने दिल्ली के हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। भारतीय प्रधानमंत्री मोदी और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने कई मुद्दों पर आपसी सहमति जताई है।
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री के सामने ऑस्ट्रेलिया में हिंदू मंदिरों पर हो रहे हमलों का मुद्दा भी उठाया। संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलिया में मंदिरों के ऊपर लगातार हमलों की खबरें आ रहीं हैं। यकीनन इसने भारत में लोगों को चिंतित किया। इसको लेकर मैंने प्रधानमंत्री अल्बानीज से चर्चा की। उन्होंने मुझे आश्वस्त किया है कि उनकी सरकार के लिए भारतीयों की सुरक्षा सबसे अहम है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीयों को पूरी सुरक्षा दी जाएगी।’
प्रधानमंत्री मोदी ने और क्या कहा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और आस्ट्रेलिया की साझेदारी विश्व चुनौतियों और कल्याण के लिए महत्वपूर्ण है। सुरक्षा सहयोग हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। आज हमारे बीच इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में मैरीटाइम सिक्योरिटी और आपसी रक्षा व सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। सुरक्षा एजेंसियों के बीच भी नियमित और उपयोगी सूचनाओं का आदान-प्रदान होता है। हमने इसे अधिक सुदृढ़ करने पर चर्चा की।
उन्होंने कहा कि पिछले साल लागू हुए व्यापार समझौते- ईसीटीए से दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश के बेहतर अवसर खुले हैं। हमारी टीमें व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते पर भी काम कर रही हैं।
उल्लेखनीय है कि मई में क्वाड देशों की बैठक में शामिल होने प्रधानमंत्री ऑस्ट्रेलिया जायेंगे। वहीं ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री सितंबर में एक बार फिर जी-20 देशों के सम्मेलन में भाग लेने भारत आयेंगे। दोनों नेताओं ने वक्तव्य के दौरान इसकी भी जानकारी दी।

