पीएम मोदी ने आज 98वें मन की बात की सबसे पहले उन्होनें बात की शुरूआत करते हुए कहा समाज की शक्ति से बढ़ती है देश की शक्ति। इसके बाद पीएम मोदी ने मन की बात में अगला बिंदु में कहा मुझे वो दिन याद है, जब हमने ‘मन की बात’ में भारत के पारंपरिक खेलों को प्रोत्साहन की बात की थी। तुरंत उस समय देश में एक लहर सी उठ गई भारतीय खेलों के जुड़ने की, इनमें रमने की, इन्हें सीखने की।
पीएम मोदी ने ई-संजीवनी एप से मिल रहे लोगों के लाभ लेकर बात की और कहा हमारे देश में डिजिटल इंडिया की ताकत कोने-कोने में पहुंच रही है। एक एप है ई-संजीवनी। इस एप से वीडियो क्रॉन्फ्रेंस के माध्यम से डॉक्टरी सलाह ले सकते हैं। इसके माध्यम से 10 करोड़ मरीज और डॉक्टर के साथ अद्भुत नाता है। इसकी उपलब्धि के लिए सभी डॉक्टरों व मरीजों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। भारत के लोगों ने तकनीक को कैसे अपने जीवन का हिस्सा बनाया है, यह इसका जीता जागता उदाहरण है।
पीएम मोदी ने मन की बात करते हुए लता दीदी को भी याद किया और कहा आज के इस अवसर पर मुझे लता मंगेश्कर जी की याद आना स्वभाविक है क्योंकि जब ये प्रतियोगिता प्रारंभ हुई थी उस दिन लता दीदी ने ट्वीट कर देशवासियों से आग्रह किया था कि वे इस स्पर्धा में जरूर जुड़ें। मन की बात में पीएम मोदी ने सरदार पटेल की जयंती का बिंदु रखते हुए कहा जब मैनें इससे पहले मन की बात में तीन प्रतियोगिताओं को लेकर बात की थी ये प्रतियोगिताएं देशभक्ति पर गीत, लोरी और रंगोली पर आधारित थी। मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि देशभर के 700 से अधिक जिलों के 5 लाख से अधिक लोगों ने इसमें भाग लिया है।
अगले बिंदु में पीएम मोदी ने भारत में यूपीआई की ताकत का भी वर्णन किया और कहा आज दुनिया में इसकी ताकत तेजी से बढ़ रही है। कुछ दिन पहले ही भारत और सिंगापुर के बीच पे नाऊ एप लॉन्च किया गया है। भारत का ई-संजीवनी हो या यूपीआई ये एज ऑफ लिविंग को बढ़ाने में बहुत मददगार साबित हुए हैं।
पीएम मोदी ने स्वच्छता अभियान का भी बिंदु रखते हुए कहा कि मन की बात के एपिसोड में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘स्वच्छ भारत मिशन’ आज हर भारतीय के मन में रच-बस चुका है। साल 2014 में इस जन आंदोलन के शुरू होने के साथ ही इसे नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए लोगों ने कई अनूठे प्रयास किए हैं और ये प्रयास सिर्फ समाज के भीतर ही नहीं बल्कि सरकार के भीतर भी हो रहे हैं। अंत में पीएम मोदी ने होली की शुभकामनाएं दते हुए कहा हमारे त्योहार वोकल फॉर लोकल (Vocal for Local) के संकल्प के साथ ही मनाने हैं।

