कोरोना महामारी के बाद विश्व के लगभग सभी देश महंगाई से त्रस्त है। उनकी अर्थव्यवस्था इतनी चौपट हो गयी है कि वह अभी दोबारा वापस पटरी पर नहीं लौटी है। इसी बीच दक्षिण अमरीका महाद्वीप के उत्तर में स्थित देश सूरीनाम से एक बड़ी खबर आई है। बढ़ती महंगाई को लेकर जनता त्राहि – त्राहि कर रही है। वह महंगाई से इतनी परेशान हो गयी है कि सड़को पर उतरकर अपना विरोध दर्ज करा रही है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि से परेशान जनता अब उग्र हो गयी है। उग्र जनता ने सूरीनाम की संसद पर हमला कर दिया है।
संसद भवन पर हमला
बता दें कि सूरीनाम में लगातार बढ़ती महंगाई, कानून-व्यवस्था के लिए मुसीबत बन गयी है। गुस्साए लोगों ने संसद भवन पर हमला कर पुलिस पर पत्थर व आग के गोले बरसाए। भारी संख्या में लोग संसद परिसर के भीतर घुस गए। पुलिस ने उग्र भीड़ को रोकने के लिए जवाबी कार्रवाई करते हुए लोगो पर आंसू गैस के गोले दागे । कुछ अन्य इलाकों में गुस्साई भीड़ ने कई दुकानों व गाड़ियों में आग लगा दी। दुकानों से लूटपाट भी की गयी।
सूरीनाम के राष्ट्रपति चैन संतोखी ने संसद पर हुए हमले की निंदा की है। राष्ट्रपति ने हमला करने वालों के खिलाफ टास्क फोर्स का गठन कर कड़ी कार्रवाई की बात कही है।
दरअसल सूरीनाम में महंगाई तेजी से बढ़ रही है। बेरोजगारी से लोग परेशान हैं। पेट्रोल-डीजल की कीमतें सातवें आसमान पर पहुंच गयी हैं। लगातार बढ़ती महंगाई ने लोगों की कमर तोड़ रखी है। यह गुस्सा अब सड़कों पर उतरकर सरकार विरोधी प्रदर्शनों के रूप में सामने आ रहा है।

