हरियाणा के नूंह में हुई हिंसा को लेकर पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है दरअसल इस हिंसा के तार पाकिस्तान से जुड़े हैं। पुलिस ने जांच के बाद खुलासे किए हैं कि अहसान मेवाती नाम के सोशल मीडिया हैंडल के जरिए लोगों को उकसाया गया, इस सोशल मीडिया अकाउंट पर अलवर की लोकेशन दर्ज की गई थी लेकिन असल में अहसान मेवाती के नाम से बने सोशल मीडिया अकाउंट पर भड़काऊ वीडियो डालने वाला जीशान मुश्ताक पाकिस्तान में बैठा है।
बताया जा रहा है कि जीशान मुश्ताक ने ही मोनू मानसेर को मारने और हिंसा भड़काने के लिए भीड़ को उकसाया था। वो 31 जुलाई को लगातार आगजनी और तोड़फोड़ के वीडियो जारी कर रहा था। पुलिस को शक है कि नूंह में जीशान मुश्ताक का स्ट्रॉन्ग कनेक्शन है जिसकी पड़ताल शुरु कर दी गई है।
मामले में अब तक 102 FIR दर्ज की गई हैं, 200 से ज्यादा आरोपियों की गिरफ्तारी हुई हैं जबकि 80 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है। वहीं भड़काऊ पोस्ट के मामले में 2300 से ज्यादा वीडियो की जांच चल रही है। नूंह में हिंसा के आरोपियों की संपत्ति पर बुलडोजर गरज रहा है। अवैध इमारतों को धूल में मिलाया जा रहा है।

