संसद के मॉनसून सत्र में मणिपुर में महिलाओं के साथ हुए अत्याचार को लेकर हंगामा जारी है सोमवार को AAP सांसद संजय सिंह को पूरे सत्र तक के लिए निलंबित कर दिया गया जिसके बाद संजय सिंह संसद भवन परिसर में धरने पर बैठ गए और लगातार बस इसी बात पर अड़े हैं कि प्रधानमंत्री मोदी मणिपुर की घटना को लेकर जब तक जवाब नहीं देंगे तब तक ऐसे ही गतिरोध यूं ही बना रहेगा पीएम को जवाब देना होगा। केंद्र सरकार के खिलाफ विपक्ष संसद में अविश्वास प्रस्ताव भी ला सकता है। संसदीय प्रक्रिया में अविश्वास प्रस्ताव या विश्वासमत (वैकल्पिक रूप से अविश्वासमत) अथवा निंदा प्रस्ताव एक संसदीय प्रस्ताव है, जिसे पारंपरिक रूप से विपक्ष द्वारा संसद में एक सरकार को हराने या कमजोर करने की उम्मीद से रखा जाता है। विपक्ष के लगातार हंगामे को लेकर पीएम मोदी ने गठबंधन I.N.D.I.A की तुलना ईस्ट इंडिया कंपन से कर डाली है।
संजय सिंह संसद में ही गांधी प्रतिमा के पास बैठी हुए हैं और लगातार भाजपा पर वार कर रहें हैं कि मणिपुर में डबल इंजन की सरकार है, पीएम मोदी का बेटी बचाओ नारे क क्या हुआ, संजय सिंह के निलंबन पर राज्यसभा सांसद जेबी माथेर ने कहा, “हम बड़ा संदेश देना चाहते हैं संजय सिंह अकेले नहीं हैं, पूरा विपक्ष एक साथ है।
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा, ‘मणिपुर की घटना से दिल दहल गया है। प्रधानमंत्री को मन की बात की जगह मणिपुर की बात करना चाहिए। सरकार को बहस करना चाहिए। दुनिया के सारे संसद मणिपुर पर चर्चा पर गंभीर है। भारत की संसद में इस पर चर्चा क्यों नहीं हो रही है। मिजोरम में भी हिंसा की घटना हो रही है। संसद की चलाने की जिम्मेदारी सरकार की होती है। मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए।’
वहीं संसद में बीजेपी ने संसदीय बैठक भी की प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विपक्ष का काम केवल प्रोटेस्ट करना है लेकिन हम लोंगो को अपना काम करते रहना है क्योंकि 2047 तक हमें भारत को विकसित देश बनाना है। तो दूसरी तरफ विपक्षी दलों ने फैसला किया है कि वे दोनों सदनों में मणिपुर पर PM के बयान की मांग जारी रखेंगे। संसद के मॉनसून सत्र के लोकसभा और राज्यसभा की चौथे दिन की कार्यवाही 11 बजे से शुरू हुई राज्यसभा सभापति और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा, मणिपुर पर सरकार चर्चा के लिए तैयार है तो कार्यस्थगन प्रस्ताव का क्या मतलब है।
वहीं सांसद पीयूष गोयल ने कहा कि राजस्थान और छत्तीसगढ़ में महिलाओं के साथ अत्याचार पर भी चर्चा कर ली जाए लेकिन विपक्ष के हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।

