मणिपुर में दो महिलाओं को नग्न घूमाने और जारी हिंसा को लेकर राजनीति चरम पर है। बता दें कि आज विपक्षी दलों की गठबंधन इंडिया के सांसद मणिपुर में हो रही हिंसा में पीड़ित लोगों से मुलाकात करने के लिए गए थे। इसके साथ ही विपक्षी सांसदों ने राहत शिविरों का दौरा कर लोगों की तकलीफों को जाना और उनके दर्द को समझनें की कोशिश की। वही भाजपा ने इसे नाटक करार दिया है।
गौरतलब है कि मणिपुर का दो दिवसीय दौरा कर विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडिया’ के सांसद पीड़ितों से मिलकर वापस राजधानी दिल्ली लौट आए हैं। इससे पहले सांसदों ने प्रदेश के राज्यपाल अनुसुइया उइके से मुलाकात कर राज्य के लोगों की समस्याओं से रूबरू कराते हुए एक ज्ञापन भी सौंपा।
केंद्र और राज्य सरकार ने आंखे बंद की
मणिपुर के दो दिवसीय दौरे से वापस लौटने के बाद कांग्रेस सांसद लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों ही मणिपुर के लिए कोई बड़ा कदम नहीं उठा रही हैं। उन्होंने कहा कि लोगों के घरों में खाना और दवाइयां नहीं हैं, बच्चों के पास पढ़ने के लिए कोई सुविधा नहीं है। कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार ने अपनी आंखें बंद कर ली हैं और लोगों को अकेला छोड़ दिया है।

