जहां देश एक तरफ तकनीक के मामले में रफ्तार पकड़ रहा है। वंदे भारत एक्सप्रेस से भारत को और भी ज्यादा गति मिल रही है तो बीती शुक्रवार को शाम 7बजे ओडिशा के जिले बालासेर स्टेशन के नजदीक बहानगा बाजार स्टेशन के पास हुआ। तीन ट्रेनें आपस में ऐसे टकराईं कि रेल की पटरी जमीन फाडकर ट्रेन में घुस गई।
जहां देश के पीएम वंदे भारत एक्सप्रेस से भारत की रफ्तार बढ़ाने में लगे हुए हैं वहीं इस ट्रेन हादसे के बाद से विपक्ष उनकी नाकामी को लेकर निशाना साधने लगा है कि 9साल पूरे हुए लेकिन ये साल केवल देश के लिए नाकामी रहें हैं। 288 मौतें, 900 से अधिक लोगों का घायल होना सरकार पर बड़े सवाल खड़ा करता है।
अब साल 2024में देश में जहां लोकसभा चुनाव आने वाला है ऐसे में ये दर्दनाक हादसा बीजेपी के लिए कितनी मुश्किलें खड़ा करता है ये भी सवाल उठने लगा है। पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से इस्तीफे की मांग की।
वहीं पीएम मोदी ने इस भयानक हादसे को लेकर बड़ी समीक्षा बैठक बुलाई है और वो खुद भी ओडिशा जाकर लोंगो का हाल जानेंगे। हादसा के बारे में पूरी तरह से बात की जाए तो आउटर लाइन पर मालगाड़ी खड़ी थी और तेज रफ्तार से कोरोमंडल एक्सप्रेस आ रही थी और उसका इंजन सबसे पहले मालगाड़ी से टकराया और बाकी पीछे की बोगियां तीसरी पटरी पर जा गिरी ठीक उसके पीछे बेंगलुरू एक्सप्रेस तेज रफ्तार से आ रही थी कि जो कोरोमंडल एक्सप्रेस के बिखरे हुए डब्बे थे उनसे टकराई उसके बाद इतने तेज धमाके हुए कि रूह कांप जाएगी।
इतने भीषण हादसे को लेकर सूत्र रेलवे अधिकारियों पर सवाल उठा रहें हैं कि जब पहले ही कोरोमंडल एक्सप्रेस ट्रेन मालगाड़ी से टकरा गई थी तो उसके बाद बेंगलुरू एक्सप्रेस को रोका क्यों नहीं गया अगर ऐसा हुआ होता तो घटना में इतनी भयानक ना हुई होती।

