आजमगढ़ दौरे पर पहुंचे उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही रविवार को दिन में शहर के समीप नरौली में एक डायग्नोस्टिक सेंटर का लोकार्पण करने पहुंचे थे इस दौरान उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का बखान किया उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी हमेशा सक्रिय पार्टी रहती है। लगातार काम करती रहती है। और राजनीतिक दल हैं वह बरसाती मेंढक की तरह हैं, जो चुनाव आते ही सक्रिय हो जाते हैं।
सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि विद्युतीकरण योजना से शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों को अच्छादित किया गया है। आजमगढ़ में 7.30 लाख किसानों को किसान सम्मान निधि दी गई है जो कि 6 हजार प्रतिवर्ष के हिसाब से अब तक करीब 14 सौ करोड़ होती है। इसके अलावा जनपद में 1,20,000 से ज्यादा लोगों को शहरी व ग्रामीण मिलाकर छत मुहैया कराई गई है। 110 करोड़ की लागत से विश्वविद्यालय बन रहा है। 500 करोड़ की लागत से हवाई अड्डे का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री लगातार विकास के लिए सक्रिय रहते हैं।
कृषि मंत्री ने कहा कि जितना विकास पिछले 9 वर्षों में हुआ है उतना उसके पहले के 50 वर्षों में नहीं हो सका था। अगर नरेंद्र मोदी की तरह पहले कोई प्रधानमंत्री मिला होता तो अब तक देश कितना आगे बढ़ गया होता। वहीं उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री हर माह के आखिरी रविवार को लगातार लोगों से अपने मन की बात करते हैं। इस बार विदेश के दौरे के चलते महीने के तीसरे रविवार को उन्होंने मन की बात रखी है। यह भी कहा कि 23 जून को श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि है। उसके बाद एक हफ्ता तक कार्यकर्ता घर-घर जाकर सरकार की योजना को बताएंगे और जो भी योजना के लाभार्थी हैं उनके यहां स्मार्टफोन से अपनी मोबाइल से फोटो खींचकर भेजेंगे।
पीएम मोदी के राज में मेडिकल व्यवस्था सुधरी- सूर्य प्रताप शाही कृषि मंत्री
देश और प्रदेश के मेडिकल व्यवस्था पर अपनी बात रखी उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रयासों से 11 नए ऐम्स खुले और 200 नए मेडिकल कॉलेज बन रहे हैं या बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 41 जिलों में नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना हो रही है या बन चुके हैं। यह सब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रत्येक डिस्ट्रिक्ट में मेडिकल कॉलेज खोलने की मेडिकल पॉलिसी के तहत हो रही है। जिस प्रकार से आबादी का दबाव है उसके सापेक्ष मेडिकल सुविधा बहुत कम है। प्रति हजार की आबादी पर जितनी आवश्यकता है उतने डॉक्टर नहीं है। इसलिए डॉक्टर के रेश्यो को बढ़ाना है। नए कॉलेजों से ज्यादा संख्या में विशेषज्ञ डॉक्टर निकलेंगे और लोगों को ज्यादा सुविधा के अनुसार मेडिकल व्यवस्था मिल पाएगी।
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा है कि जब हम अपने आजादी का शताब्दी वर्ष मनाएंगे तब हर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के साथ स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी निर्भर बनेंगे। वही इतनी बड़ी आबादी को केवल सरकारी क्षेत्र के भरोसे मेडिकल व्यवस्था नहीं दिया सकती इसलिए डॉक्टर निजी क्षेत्र के माध्यम से भी अच्छी स्वास्थ सुविधा दे पाएंगे।

