सोशल मीडिया के इस दौर में लोग वायरल होने के लिए कुछ भी कर रहें हैं। देश ही नहीं बल्कि दुनियां का एक बहुत बड़ा हिस्सा सोशल मीडिया पर मौजूद हैं। भारत में सोशल मीडिया, फेसबूक, यूट्यूब आदि उपयोग करने वालों की संख्या काफी ज्यादा हैं। एक तरफ जहां इन प्लेटफ़ॉर्म पर ऐसे कंटेन्ट की भरमार है जो लोगों के मनोरंजन,शिक्षा, आदि के काम आते हैं तो दूसरी तरफ ऐसे अश्लीलता भी है जिसे देखना एक सभ्य समाज के नागरिकों के शर्मिंदगी की बात हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल है वीडियो
इसके बावजूद भी सोशल मीडिया पर लोग ना तो ऐसे कंटेन्ट देखने से बाज आते हैं और ना ही अपलोड करने से। हालिया मामला नोएडा के सेक्टर 62 D पार्क का है जहां इस तरीके की वीडियो सरेआम बेशर्मी के साथ शूट किए जा रहें हैं। वीडियो में साफ साफ देखा जा सकता है कि कैसे सार्वजनिक स्थान पर गंदी गंदी वीडियो बनाकर पैसा कमाने के लिए ये शख्स सारी हदें पार कर रहा है।
पहले भी कर चुका है हरकतें
ज्ञात हो की यह पहली बार नहीं है जब शख्स द्वारा वीडियो में अश्लीलता और गंद फैलाने का काम किया जा रहा है। इससे पहले भी यह शख्स इस तरीके के कई वीडियो शूट कर सोशल मीडिया पर उपलोड कर चुका हैं। कई मामलों में शख्स पर कारवाई भी हुई है। लेकिन इसके बावजूद भी यह शख्स अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा। सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो को लेकर लोगों की अलग प्रतिक्रिया मिल रही हैं। लोग ऐसी वीडियो को देख-देख कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ज्ञात हो की अभी तक इस मामले में पुलिस की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई हैं।
भारत में अश्लीलता के लिए क्या हैं कानून
अश्लीलता भारत में एक कानून जुर्म हैं। अगर कोई व्यक्ति इससे संबंधित मामलों में दोषी पाया जाता है तो उसे भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 292, 293 और 294 के तहत सजा मिलती हैं। इसमें अगर कोई व्यक्ति द्वारा अभद्र सामग्री, किताब या अन्य आत्तिनजनक सामान बेचा या सर्कुलेट किया जाता है जिससे दूसरों को नैतिक रूप से परेशानी हो तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती हैं। इन मामलों में दोषी को दो साल की सजा के साथ दो हजार रुपये जुर्माना देना पड़ सकता है। दूसरी बार अपराध के लिए उसे पांच साल की जेल और पांच हजार रुपये जुर्माना देना पड़ता हैं।
अश्लीलता को लेकर अन्य धाराएं
- आईपीसी 294- इसे 1925 में आईपीएस की धराओं में शामिल किया गया था। इस धारा के अंतर्गत दोषी को तीन साल की जेल और अर्थ दंड की सजा का प्रावधान है।
- IPC 509- अगर कोई व्यक्ति किसी महिला की लज्जा भंग करने वाली चीज दिखाता या बोलता है तो उसे इस धारा के अंतर्गत तीन साल की कैद और जुर्माने का सजा दी जाती है।
- IT एक्ट 67(A)- इलेक्ट्रॉनिक माध्यम यानी सोशल मीडिया के जरिए अश्लीलता परोसने या इसको बढ़ावा देने वालों के खिलाफ IT एक्ट 67(A) के तहत कार्रवाई की जाती है। मामलें में दोषी साबित होने पर पांच साल की जेल और10 लाख रुपये जुर्माना दोषी को देना होता है। वहीं दूसरी बार इस अपराध के लिए सात साल की सजा और 10 लाख रुपये जुर्माना देना पड़ता है।

