दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में शिवाजी के अपमान को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और वामपंथी छात्र संगठनों से जुड़े छात्रों के समूहों के बीच मचे बवाल के एक दिन बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सोमवार को एक अधिसूचना जारी कर छात्रों को चेतावनी दी है। विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि बिना अनुमति के छात्र कार्यक्रम नहीं कर सकते हैं। परिसर में कोई भी कार्यक्रम आयोजित करने से पहले छात्रों को अब अनुमति लेनी होगी।
डीन छात्र कल्याण सुधीर प्रताप सिंह द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि सभी छात्रावासों, छात्र गतिविधि केंद्र सहित इंटर-हॉल-प्रशासन के परिसर, छात्र संघ कार्यालय और खेल मैदान में कोई भी गतिविधि करने के लिए छात्रों को डीन की औपचारिक अनुमति की आवश्यकता होगी। बिना किसी अनुमति के आयोजित कोई भी कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
JNU में शिवाजी के अपमान को लेकर हुआ था बवाल
गौरतलब है कि रविवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् से जुड़े लोगों ने दावा किया था कि डायस पर शिवाजी की तस्वीर रखकर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर छात्र उनके जीवन गाथा का स्मरण कर रहे थे। इसी दौरान वामपंथी छात्र संगठन से जुड़े कुछ छात्रों ने न सिर्फ कार्यक्रम में अवरोध डाला, बल्कि उनकी तस्वीर को उठाकर फेंक दिया और कहा कि यहां शिवाजी नहीं चलेंगे और वामपंथी छात्रों ने इस दौरान हाथापाई भी की। हालांकि, जेएनयू छात्र संघ ने आरोप लगाया था कि छात्रों पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के सदस्यों द्वारा हमला किया गया था।
यह हमला जातिगत भेदभाव के खिलाफ जारी आंदोलन को पटरी से उतारने का एक प्रयास था। इस बीच, विश्वविद्यालय के तमिल छात्रों के मंच ने भी सोमवार को एक कार्यक्रम का आयोजन किया।

