अब उत्तर भारत की जेलों में बंद 10 से 12 गैंगस्टर्सों को काला पानी की जेल में शिफ्ट किया जाएगा। NIA ने इस पर MHA को चिट्ठी लिखी है और इस पर चर्चा भी की है।
NIA ने गृह मंत्रालय से उत्तर भारत की जेलों में बंद कुख्यात गैंगस्टर्सों को अंडमान की डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में शिफ्ट करने की अपील इसलिए की है क्योंकि भारत की जेलों में बैठे बैठे भी ये लोग अपना क्राइम चला रहें हैं और उनके इस क्राइम को तोड़ने के लिए NIA का मकसद है कि उन सभी कुख्यात गैंगस्टर्स को काला पानी की जेल भेजा जाए।
वहीं गृह मंत्रालय का कहना है कि प्रारंभिक प्रस्ताव गैंगस्टरों को दक्षिण भारत की जेलों में स्थानांतरित करने का था लेकिन यह लंबी प्रक्रिया है क्योंकि इसके लिए राज्य सरकारों से अनुमति लेनी होगी जबकि अंडमान निकोबार केंद्र शासित प्रदेश है और ऐसे में वहां इन गैंगस्टर्स को शिफ्ट किये जाने के लिए केंद्र को किसी से अलग से इजाजत भी नही लेनी होगी। गैंगस्टर्स को असम की जेल भेजे जाने को लेकर भी विचार किया जा रहा है। बता दें गैंगस्टरों को शिफ्ट किए जाने की लिस्ट में सबसे पहला नंबर लॉरेंस बिश्नोई का है।
NIA कुछ कुख्यात गैंगस्टरों को अंडमान की जेल इसलिए भेजने का विचार कर ही है क्योंकि उत्तर भारत की जेलों में इन गैंगस्टरों के बीच आपसी गैंगवार का खतरा बना रहता है। इसका उदाहारण है 2 मई को दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर टिल्लू ताजपूरिया की हत्या और इसका आरोप गोगी गैंग के दीपक उर्फ तीतर, योगेश उर्फ टुंडा, राजेश और रियाज खान पर लगा और तीन साल से जेल के अंदर से ही टिल्लू को मारने की प्लानिंग बनाई जा रही थी, एक वीडियो भी दिल्ली की तिहाड़ जेल से सामने आया था कि सुरक्षा के बीच भी टिल्लू ताजपूरिया पर हमला किया गया था।
अभी कुछ दिन पहले क्राइम ब्रांच ने कोर्ट में ये खुलासा किया था कि लॉरेंस बिश्नोई और संपत नेहरा जेल से बैठे क्राइम सिंडिकट चला रहें हैं और युवा लड़को को रिक्रूट कर रहे हैं और उनसे पूरे भारत में हमला करवा रहें हैं और रंगदारी वसूल करवा रहें हैं, और वारदातों को भी अंजाम दिलवा रहें हैं। वहीं इस पर बिश्नोई और नेहरा ने कहा लंदन में बैठा गैंगस्टर कपिल उर्फ नंदू और अमेरिका में बैठा बिश्नोई का भाई अनमोल बिश्नोई वारदातों को अंजाम दे रहा है। दिल्ली पुलिस ने बिश्नोई और नेहरा से पूछताछ के बाद एक शख्स को गिरफ्तार किया है, जो दिल्ली में बीजेपी नेता की हत्या में शामिल था।

