Noida: नोएडा में परिवहन विभाग के अधिकारी गुरुवार को पूरी तरह सक्रिय रहे, उन्होंने करीब 87 स्कूल बसों को रोककर उनका निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान 18 बसें संचालन के लिए अनफिट पाई गईं। इनमें से कई अनफिट बसों के कभी भी दुर्घटना का जोखिम होने की आशंका जताई गई। अधिकारियों ने इन बसों में यात्रा करने वाले छात्रों को जागरूक करने का भी मौका लिया।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में निरीक्षण
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने सेक्टर 62, परी चौक, नॉलेज पार्क, सूरजपुर और सेक्टर-135 समेत विभिन्न इलाकों में स्कूल बसों की गहन जांच की। इन निरीक्षणों के दौरान प्रवर्तन अधिकारियों ने टेंपो और ई-रिक्शा की भी जांच की। कई चालक बिना ड्राइविंग लाइसेंस और सीट बेल्ट के वाहन चलाते पाए गए।
सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी डॉ. उदित नारायण पांडे ने इस बात पर जोर दिया कि ऑटो और ई-रिक्शा छात्रों के परिवहन के लिए सुरक्षित नहीं हैं। ग्रिल और बंद जगहों की कमी के कारण ये वाहन स्कूली बच्चों के लिए जोखिम भरे हैं। इसके अलावा, इन वाहनों में क्षमता से अधिक सामान लादने से दुर्घटनाओं की संभावना काफी बढ़ जाती है। डॉ. पांडे ने बसों के अंदर छात्रों से व्यक्तिगत रूप से बात की और उन्हें सलाह दी कि वे अपने स्कूल के अधिकारियों और अभिभावकों को ऐसी किसी भी घटना की सूचना दें, जिसमें चालक वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे हों, तेज गति से वाहन चला रहे हों या अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन कर रहे हों।
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पूरी सावधानी बरतें
डॉ. पांडे ने छात्रों को सलाह दी कि वे अपने शरीर के अंगों, हाथों या सिर को हर समय बस के अंदर रखें और चलती बसों में चढ़ते या उतरते समय अत्यधिक सावधानी बरतें, क्योंकि यह बहुत खतरनाक है। उन्होंने उन्हें सड़क पार करने से पहले रुकने, देखने और यह सुनिश्चित करने की भी याद दिलाई कि यह सुरक्षित है, अधिमानतः ज़ेबरा क्रॉसिंग या अन्य निर्दिष्ट सुरक्षित क्षेत्रों का उपयोग करें।

