Noida : नोएडा के सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल में बुधवार को शव वाहन चालकों ने शव को पोस्टमार्टम हाउस ले जाने से मना कर दिया। यह घटना उस समय घटी जब पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने का आदेश दिया, लेकिन शव वाहन चालक इसे ले जाने से इंकार कर दिया। चालकों का आरोप है कि उन्हें पिछले दस महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिसके कारण वे शव को ले जाने में असमर्थ हैं।
वेतन की समस्या से जूझ रहे चालक
चालकों का कहना है कि उन्हें स्वास्थ्य विभाग से बार-बार वेतन देने की मांग की गई, लेकिन विभाग ने इसे हर बार टाल दिया। इस वजह से वे वित्तीय संकट का सामना कर रहे हैं और शव वाहन चलाने के लिए आवश्यक संसाधनों का भी अभाव है। एक शव वाहन चालक के मुताबिक, जिले में कुल तीन शव वाहन हैं, जिन पर दो चालक तैनात हैं। प्रत्येक शव वाहन की मेंटेनेंस के लिए करीब दस हजार रुपये की आवश्यकता होती है, साथ ही प्रत्येक चालक का वेतन भी दस हजार रुपये निर्धारित है। औसतन, प्रत्येक शव वाहन में रोज़ाना दो से तीन शव ले जाए जाते हैं, लेकिन पिछले दस महीनों से वेतन न मिलने के कारण चालक कार्य को ठीक से नहीं कर पा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से वेतन में देरी पर नाराजगी
शव वाहन चालकों का कहना है कि वेतन समय पर न मिलने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति कठिन हो गई है। इस देरी से कर्मचारियों में निराशा और तनाव बढ़ा है। चालक यह भी साफ तौर पर कह
स्वास्थ्य विभाग पर सवाल
इस घटना ने अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। जबकि शव वाहन चालकों की समस्या का समाधान अभी तक नहीं हुआ है, यह मामला स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है। चालकों के इस कदम से अस्पताल प्रशासन की स्थिति और कार्यक्षमता पर असर पड़ा है, और अब देखना होगा कि इस मुद्दे का समाधान कब तक निकलता है।

