मंगलवार से नोएडा में Property Rate बढ़ने वाले हैं। इस बढ़ोतरी का असर रिहायशी, ग्रुप हाउसिंग, संस्थागत, औद्योगिक और डेटा सेंटर प्लॉट पर पड़ेगा। इन कीमतों में सीधे 6 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। इन नई दरों के आधार पर ही प्रॉपर्टी का आवंटन और रजिस्ट्रेशन होगा। हालांकि, कमर्शियल और कॉरपोरेट ऑफिस प्लॉट की दरों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
12 जुलाई को मिली थी प्रस्ताव को मंजूरी
12 जुलाई को हुई बैठक में अथॉरिटी के बोर्ड ने जमीन की दरें बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी, लेकिन मीटिंग मिनट्स की मंजूरी लंबित होने के कारण नई दरें तुरंत लागू नहीं हो सकीं। अब मिनट्स को मंजूरी मिलने के साथ ही नई दरें सोमवार से लागू होने की उम्मीद है और संभवत: मंगलवार से लागू होंगी। इस बढ़ोतरी का असर फ्लैट खरीदने से लेकर घर बनाने और उद्योग लगाने तक सभी पर पड़ेगा।
Property Rate में 6 % की ो रही बढ़ोतरी
अथॉरिटी ने इससे पहले अप्रैल 2023 में दरें बढ़ाई थीं। नोएडा अथॉरिटी ने अपने सेक्टरों को ए प्लस से ई तक में बांटा है। इसमें कमर्शियल सेक्टर ए से डी तक और इंडस्ट्रियल एरिया को फेज 1, 2 और 3 में बांटा गया है। सेक्टर ए से ई (ए प्लस को छोड़कर) में रिहायशी प्लॉट और तीनों फेज में इंडस्ट्रियल प्लॉट की दरों में 6 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। ग्रुप हाउसिंग और अन्य प्रॉपर्टी की Property Rate भी 6 प्रतिशत बढ़ाई जाएंगी।
अन्य दो प्रस्तावों पर स्पष्टता लंबित
इसके अलावा, बोर्ड मीटिंग में दो बिल्डरों के प्रस्तावों पर चर्चा की गई। एक प्रस्ताव सेक्टर 16 में मैक्स बिल्डर प्रोजेक्ट के लिए था, जिसमें 325 करोड़ रुपये की एनसीएलटी द्वारा स्वीकृत समाधान योजना शामिल थी, जिसमें बिल्डर ने तीन साल में 613.18 करोड़ रुपये चुकाने का प्रस्ताव रखा था। हालांकि, प्राधिकरण के रिकॉर्ड में ब्याज और देरी सहित लगभग 2257 करोड़ रुपये की बकाया राशि दिखाई गई है। इस मामले पर बोर्ड के फैसले की पुष्टि होना अभी बाकी है। इसी तरह, सुपरनोवा प्रोजेक्ट के प्रस्ताव में फाइनेंसरों को लाने और बकाया राशि के लिए एस्क्रो अकाउंट खोलने की बात शामिल थी। दोनों प्रस्तावों पर स्पष्टता लंबित है।

