Noida: हर साल दिल्ली-एनसीआर में दिवाली के समय पटाखों के चलते प्रदूषण का कहर देखने को मिलता है, लेकिन इस बार नोएडा और ग्रेटर नोएडा में दशहरे के दिन ही प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ गया। शनिवार को रावण दहन और आतिशबाजी के कारण शहर की हवा बेहद खराब हो गई, जिससे अगले दिन यानी रविवार को शहर में प्रदूषण का स्तर चिंताजनक रूप से बढ़ा हुआ दर्ज किया गया। पटाखों के धुएं ने हवा को इतना दूषित कर दिया कि लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगी।
ग्रैप लागू, एक्यूआई हुआ खतरनाक स्तर पर
सेंट्रल पलूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार, रविवार को नोएडा का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 243 तक पहुंच गया, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। इस वजह से बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों को सांस लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं, ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 228 दर्ज किया गया। शनिवार को यह 130 के आसपास था, जो सामान्य माना जाता है।
इस साल ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) को चार चरणों में लागू किया जाना है। जैसे ही प्रदूषण स्तर में वृद्धि के संकेत मिलते हैं, GRAP लागू कर दिया जाता है। अक्टूबर में ही प्रदूषण के बढ़ते संकेतों को देखते हुए इसे जल्द लागू करने की योजना बनाई गई है।
पटाखों पर बैन के बावजूद धुएं में उड़ाए आदेश
हालांकि सरकार ने शहर में पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया हुआ है, फिर भी दशहरे के दिन कई इलाकों में जमकर पटाखे फोड़े गए। पटाखों की वजह से प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ा, और लोगों ने सरकार के आदेशों की अनदेखी करते हुए पटाखे फोड़ने से परहेज़ नहीं किया। प्रशासन ने पटाखे बेचने वालों पर जुर्माने की बात कही थी, लेकिन जमीन पर इसका असर दिखता नहीं है।
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प्रदूषण के 10 हॉटस्पॉट चिह्नित
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में प्रदूषण के मुख्य कारणों में निर्माण गतिविधियाँ शामिल हैं। इस साल सेक्टर-151, सेक्टर-158, सेक्टर-140 और सेक्टर-143 को निर्माण से उठने वाली धूल के कारण हॉटस्पॉट घोषित किया गया है। इसके अलावा सेक्टर-50 और 51 में चल रही बड़ी निर्माण परियोजनाओं, एमिटी यूनिवर्सिटी कैंपस में हो रही तोड़फोड़, और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, यमुना पुश्ता रोड, दादरी रोड, सेक्टर-62 और सेक्टर-104 जैसे इलाकों को भी प्रदूषण के हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित किया गया है।

