Noida News: उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण निगम के सहायक परियोजना प्रबंधक राजवीर सिंह से जुड़े करोड़ों के घोटाले में नए खुलासे हो रहे हैं। स्मारक निर्माण के लिए पत्थरों की खरीद में अनियमितता और अवैध धन को सफेद करने के आरोपी राजवीर सिंह ने न केवल संपत्तियों में निवेश किया, बल्कि कारोबार भी स्थापित किया। विजिलेंस की छापेमारी के दौरान उनके परिसरों से मिले दस्तावेजों से कई कंपनियों में उनके निवेश का पता चला, जिससे घोटाले का दायरा और बढ़ गया।
तीन कंपनियों से जुड़े दस्तावेज
राजवीर के आवास पर छापेमारी के दौरान विजिलेंस अधिकारियों को तीन कंपनियों से जुड़े दस्तावेज मिले। एक कंपनी “एरिज वेलटेक” सीधे राजवीर सिंह के नाम से पंजीकृत है, जबकि दो अन्य कंपनियां “नोएडा टेस्ट हाउस” और “एआर एंटरप्राइजेज” उनकी पत्नी के नाम से पंजीकृत हैं। विजिलेंस अब राजवीर और उनकी पत्नी दोनों से इन कंपनियों की गतिविधियों और लेन-देन का ब्योरा मांगेगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सरकारी सेवा में रहते हुए उन्होंने किस तरह कंपनियां स्थापित कीं और क्या इन कंपनियों को विभागीय ठेके दिए गए।
धन शोधन का संदेह
विजिलेंस को संदेह है कि इन कंपनियों का इस्तेमाल अवैध कमाई को वैध बनाने के लिए किया गया। छापेमारी के दौरान अधिकारियों को नोएडा टेस्ट हाउस में लाखों की कीमत की मिट्टी जांचने वाली मशीनें और उपकरण मिले, जिससे इन कंपनियों में भारी निवेश का पता चलता है। इसके अलावा, व्यापारिक लेन-देन में इस्तेमाल किए जाने वाले गुप्त मोबाइल नंबर भी बरामद किए गए। विजिलेंस इन नंबरों के रिकॉर्ड का विश्लेषण कर व्यापारिक सहयोगियों की पहचान कर रही है।
पत्नी से पूछताछ
जांच में पता चला है कि राजवीर ने अपनी घोषित आय से अधिक संपत्ति के बारे में जानकारी छिपाई। कई प्लॉट और कीमती संपत्तियां, जहां पीजी और हॉस्टल सुविधाएं संचालित हैं, अघोषित थीं। विजिलेंस जल्द ही राजवीर और उनकी पत्नी को पूछताछ के लिए बुला सकती है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि ये संपत्तियां कैसे अर्जित की गईं।
व्यावसायिक कार्य में शामिल मिट्टी जांच का व्यवसाय
सूत्रों से पता चलता है कि राजवीर सिंह ने विजिलेंस के सामने स्वीकार किया है कि उसने अपने करीबी सहयोगियों के साथ मिलकर व्यावसायिक लाभ के लिए कंपनियां बनाईं, लेकिन उसे घाटा हुआ। नोएडा टेस्ट हाउस मिट्टी जांच से जुड़े काम में शामिल था और संदेह है कि इस कंपनी के जरिए ठेके हासिल किए गए थे।
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जांच आगे बढ़ेगी
विजिलेंस विभाग अब इन कंपनियों और राजवीर की निजी संपत्तियों से जुड़े सभी दस्तावेजों की गहन जांच कर रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस जांच से और भी बड़ा घोटाला सामने आ सकता है। राजवीर सिंह के खिलाफ जांच का दायरा बढ़ गया है और आने वाले दिनों में और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।

