Noida News: मेरठ में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के सामने स्थित यूनिसेक्स सैलून और मसाज पार्लर में वेश्यावृत्ति के बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। रविवार को एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) और महिला थाने की संयुक्त कार्रवाई में परिसर से नौ महिलाओं और सात पुरुषों को हिरासत में लिया गया। यह छापेमारी एक बैंक कर्मचारी की शिकायत पर की गई, जिसने ब्लैकमेल का आरोप लगाया था।
ब्लैकमेल की शिकायत के कारण छापेमारी
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा को एक बैंक कर्मचारी की शिकायत मिली थी, जिसमें कहा गया था कि वह मसाज पार्लर गया था, जहां उसे गुप्त कैमरे से फिल्माया गया था। इसके बाद कर्मचारी को वीडियो के जरिए ब्लैकमेल किया गया और ₹3 लाख देने के लिए मजबूर किया गया। बाद में उसे ₹5 लाख और देने की धमकी दी गई, साथ ही अपराधियों ने वीडियो को वायरल करने की धमकी भी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने सिविल लाइंस क्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में एक टीम गठित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
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गिरफ्तारी और आपत्तिजनक सामग्री की जब्ती
पुलिस ने पार्लर संचालिका अहाना खान (सरधना से), खालिद (कांशीराम कॉलोनी), सुरेंद्र और सौरभ (रोहता रोड), समीर (ब्रह्मपुरी), हयात और शादाब (अजराड़ा गांव) और उबैद (फलावदा) को गिरफ्तार किया। घटनास्थल से आपत्तिजनक सामग्री और सीसीटीवी फुटेज जब्त की गई। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि दिल्ली और नोएडा से युवतियों को सैलून में लाया गया था और वे अवैध गतिविधियों में शामिल थीं, हालांकि गिरफ्तार की गई अधिकांश महिलाएं स्थानीय थीं। सैलून की महिला मालिक साइना अभी भी फरार है और उसे पकड़ने के प्रयास जारी हैं।
ब्लैकमेल के जरिए लाखों का मुनाफा
जांच में पता चला कि पार्लर से हर महीने 6 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई हो रही थी। एएचटीयू प्रभारी अखिलेश गौड़ ने बताया कि मसाज के नाम पर ग्राहकों से 5,000 से 10,000 रुपये तक की मोटी रकम वसूली जाती थी। छिपे हुए कैमरों का उपयोग करके गुप्त रिकॉर्डिंग की जाती थी, और फिर ग्राहकों को ब्लैकमेल करके अतिरिक्त धन ऐंठ लिया जाता था।

