Noida News: नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में औद्योगिक भूखंडों का आवंटन अब एक ही नीति के आधार पर होगा। इसके लिए सरकार ने नई आवंटन नीति जारी की है। इस नीति में भूखंड आवंटन के लिए ई-नीलामी और साक्षात्कार को आधार बनाया गया है।
एक साल से चल रहा था विचार-विमर्श
सरकार इस मामले पर करीब एक साल से विचार-विमर्श कर रही थी। इस मुद्दे को लेकर औद्योगिक विकास मंत्री और औद्योगिक विकास आयुक्त के बीच मतभेद भी सामने आए थे। अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त मनोज सिंह ने नई नीति का आदेश जारी किया है। प्राधिकरण अधिकारियों के मुताबिक, 8,000 वर्ग मीटर तक के भूखंडों का आवंटन ई-नीलामी के जरिए किया जाएगा, जबकि इससे बड़े भूखंडों का आवंटन साक्षात्कार के जरिए किया जाएगा।
क्या कहा गया आदेश में?
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि 8,000 वर्ग मीटर तक के भूखंड केवल उद्योग लगाने के इच्छुक उद्यमियों को ही आवंटित किए जाएं। प्राधिकरण यह सुनिश्चित करेंगे। साक्षात्कार प्रक्रिया के लिए मानक स्थापित किए जाएंगे और तीनों प्राधिकरण आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करेंगे। इस नीति को लागू करने के लिए तीनों प्राधिकरणों को आवश्यक मानक तय करने के बाद जल्द से जल्द बोर्ड की मंजूरी लेनी होगी। इससे पहले विभाग ने 2023 में ई-नीलामी प्रक्रिया को हटाकर तीनों प्राधिकरणों में साक्षात्कार के जरिए औद्योगिक भूखंड आवंटित करने की नीति पेश की थी।
इससे पहले नंद गोपाल गुप्ता नंदी सहमत नहीं थे
औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी साक्षात्कार के जरिए आवंटन के पक्ष में नहीं थे। उन्होंने नई नीति बनने तक औद्योगिक भूखंडों की नई योजनाओं पर रोक लगाने का आदेश जारी किया था। उधर, औद्योगिक विकास आयुक्त मनोज कुमार सिंह ई-नीलामी के खिलाफ थे। इसके चलते तीनों प्राधिकरणों में औद्योगिक भूखंडों की कोई योजना पेश नहीं की गई।

