Noida News : मांगों को लेकर किसानों ने 18 जनवरी को नोएडा प्राधिकरण का ताला बंद किया था। इसमें हजारों की संख्या में किसान शामिल हुए। गोपनीय तरीके से पुलिस ने करीब 46 नामजद और 700 अज्ञात किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के इस रवैये से किसानों में आक्रोश है। किसानों ने सीईओ के साथ हुई बैठक में इस फर्जी मुकदमे को वापस लेने की मांग की। ये एफआईआर प्राधिकरण के वर्क सर्किल-1 के अवर अभियंता अरुण वर्मा ने कराई।
पुलिस ने किसानों के खिलाफ दर्ज की कईं धाराएं
पुलिस एफआईआर में भारतीय किसान परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखवीर खलीफा, राजेंद्र यादव, जय प्रकाश आर्या, प्रेम पाल चौहान, सोनू बादौली, सत्यवीर चौहान, चेतराम यादव , सुबोध यादव, उदल यादव , रामी यादव , सोनू पहलवान समेत 46 नामजद और करीब 700 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। किसानों पर धारा 147,148,152,307,332,353,323,504,506,427,153ए,34,120बी, 7,3,4 लगाई गई है।
पुलिस के इस रवैये से किसानों में आक्रोश
23 जनवरी को किसानों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया था लेकिन इसे गोपनीय रखा गया और अब ये Fir सामने आई है। एफआईआर के मुताबिक नामजद किसानों के अलावा करीब 700 लोग जिसमें पुरुष , महिलाएं , छोटे बच्चे की भीड़ नोएडा प्राधिकरण के बाहर एकत्रित होकर नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे। और बोल रहे थे हम नोएडा प्राधिकरण के अंदर घुसेंगे और प्राधिकरण पर ताला लगाकर कब्जा करेंगे। इस मौके पर प्राधिकरण के अधिकारियों और पुलिस ने इन लोगों से शांती बनाए रखने की अपील करते हुए वार्ता करने को कहा गया।
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इसके बाद भी इन लोगों के द्वारा विधि विरुद्ध जमाव कर सभी ने एक स्वर में उत्तेजित होते हुए कहा कि कोई वार्ता नहीं होगी। आज हम आरपार की लड़ाई लड़ेंगे। जो भी हमारे बीच आएगा उसे जिंदा नहीं छोड़ेंगे। नोएडा प्राधिकरण के आसपास कैली, टपरी , चाय की दुकान आदि लगाकर फैक्ट्रियों में काम कर अपना व अपने परिवार का भरण पोषण करने वाले गरीब लागों को भी इनके द्वारा प्राधिकरण के आसपास न आने को कहते हुए मारपीट कर भागने को कहा। इतना कहकर सुखवीर खलीफा, महेंद्र व जयवीर प्रधान आदि कई लोग नोएडा विकास प्राधिकरण के गेट नंबर -4 पर लगे बैरियर पर चढ़ गए। गेट पर ताला लगाने की कोशिश करते हुए हाय हल्ला करने लगे और बैरियर टूटने के कारण लोग नीचे गिर गए। इनके द्वारा गेट पर लगे राष्ट्र ध्वज का अपमान किया गया।
ड़्यटी पर मौजूद पुलिस बल और किसानों के बाीच जमकर हुआ था बवाल
ड़्यटी पर मौजूद पुलिस बल ने इन लोगों को रोकने का प्रयास किया जो इन लोगों ने एक राय होकर योजना बद्ध तरीके से गेट की सुरक्षा में लगे बैरियर व रस्सियों को तोड़कर पुलिस बल को जान से मारने की पुलिस बल अपने साथ लाई गई जंजीरों से हमला कर दिया। साथ ही मारपीट करते हुए उप निरीक्षक प्रदीप द्वावेदी , हैड कांस्टेबल प्रभात सिंह देखकर कहा कि पहले इन्हे मारो। इतना कहते हुए उक्त भीड़ में से कुछ लोगो ने जान से मारने की नियत से दोनों के गले दबाकर नीचे गिरा दिया। बड़ी मुश्किल से इन्हें बचाया गया।
राजस्व हानि के चलते मच गई थी भगदड़
इनके द्वारा मारी गई चोट से काफी पुलिस वालों व जनता के व्यक्तियों को चोट आई है। नोएडा विकास प्राधिकरण के लोग भी इनके डर के कारण जान बचाने के लिए छिपे रहे। नामित व अन्य लोगों की भीड़ के उग्र रूप धारण कर की जा रही तोड़फोड़ से आसपास के केनरा बैंक व बैंक ऑफ बड़ोदा व अन्य वित्तीय संस्थानों में काम करने वाले व्यक्तियों में इतना भय व्याप्त हो गया आर्थिक नुकासान एवं राजस्व हानि के चलते भगदड़ मच गई। संस्थान में मौजूद लोगों ने जान बचाने के लिए शटर बंद कर लिए। रेहड़ी पटरी वाले जान बचाने के लिए इधर उधर भाग गए। फैक्टरियों से मालिक व मजदूर भी जान बचा करके छिप गए। इसमें काफी संख्या में जूते चप्पल भी मौके पर छूट गए। जिससे लोक व्यवस्था भंग हुई। सरकारी कार्या बाधित रहा। सुखवीर खलीफा द्वारा महिलाओं और बच्चों को आगे कर प्रदर्शन किया गया। जिस कारण पुलिस वालों को शांति व्यवस्था कायम करने में काफी ऐहतियात बरतनी पड़ी। अज्ञात लोगों की पहचान फोटो आदि से की जा सकती है।

