Noida News: नोएडा प्राधिकरण के करीब 900 कर्मचारियों को 30 सितंबर तक अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा राज्य के मानव संसाधन पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों ने कहा है कि इस निर्देश का पालन करने में विफल रहने वाले कर्मचारियों को सितंबर महीने का वेतन नहीं मिलेगा।
क्या है मामला ?
शुरू में 31 अगस्त तक की डेडलाइन तय की गई थी, जिसके चलते 882 कर्मचारियों (आईएएस और पीसीएस अफसरों को छोड़कर) का अगस्त महीने का वेतन रोक दिया गया था। हालांकि, मंगलवार को राज्य के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह की ओर से जारी नए आदेश में कर्मचारियों को थोड़ी राहत देते हुए डेडलाइन बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि आईएएस और पीसीएस अफसरों ने पहले ही आदेश का पालन कर लिया है।
नोएडा कर्मचारी संघ ने समय बढ़ाने का किया अनुरोध
नोएडा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राजकुमार सिंह ने सभी कर्मचारियों से आग्रह किया है कि वे वेतन वितरण में और देरी से बचने के लिए अपनी संपत्ति का विवरण पोर्टल पर तुरंत अपलोड करें। अगस्त का वेतन रोके जाने के बाद संघ ने नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम से अतिरिक्त समय मांगा था और मुख्य सचिव सिंह को पत्र लिखा था, जो नोएडा प्राधिकरण के अध्यक्ष भी हैं। राजकुमार सिंह ने बताया कि उन्हें बुधवार को वेतन मिल गया।
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अगस्त 2023 में शुरू हुआ पोर्टल
यह निर्देश राज्य सरकार द्वारा अगस्त 2023 में शुरू की गई व्यापक पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य विभागों में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना और पारदर्शिता बढ़ाना है। इस पहल के तहत उत्तर प्रदेश के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली के अनुसार 31 दिसंबर 2023 तक मानव संसाधन पोर्टल पर अपनी चल और अचल संपत्ति का ब्यौरा जमा करना था। आदेश के अनुसार, इन विवरणों को जमा न करने पर नकारात्मक रूप से देखा जाएगा। जो कर्मचारी 1 जनवरी 2024 तक इसका पालन नहीं करेंगे, उन्हें विभागीय चयन समिति की बैठकों में पदोन्नति के लिए तब तक विचार नहीं किया जाएगा, जब तक वे आवश्यक विवरण जमा नहीं करते।

