Noida: नोएडा की आंतरिक सड़कों पर यातायात जाम की समस्या को खत्म करने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने अहम कदम उठाने का निर्णय लिया है। मेरठ, फरीदाबाद, दिल्ली, गाजियाबाद, हापुड़, आगरा और ग्रेटर नोएडा की ओर से आने वाले वाहनों को शहर की आंतरिक सड़कों से दूर रखने और यातायात का दबाव कम करने के लिए फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद (एफएनजी) एक्सप्रेसवे की उपयोगिता बढ़ाई जाएगी।
इस योजना के तहत पर्थला ब्रिज (केबल सस्पेंशन ब्रिज) के नीचे एक आधुनिक अंडरपास का निर्माण किया जाएगा। इस अंडरपास की लंबाई 710 मीटर होगी और यह छह लेन का होगा। इसके निर्माण पर 85.50 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। प्राधिकरण की ओर से तैयार इस योजना के धरातल पर उतरने के लिए कार्य सर्कल छह ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट पर अंतिम फैसला लेने से पहले डीआईएमटीएस (DIMTS) की टीम जल्द ही प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम के समक्ष एक प्रस्तुतीकरण देगी।
अंडरपास के निर्माण की आधारशिला
नोएडा प्राधिकरण सीईओ डॉ. लोकेश एम और अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी संजय कुमार खत्री ने पर्थला ब्रिज के नीचे यातायात के हालात का जायजा लिया था। रिपोर्ट में बताया गया कि ब्रिज के नीचे मौजूद गोलचक्कर पर अभी से जाम की समस्या उभरने लगी है। एफएनजी एक्सप्रेसवे पूरी तरह से तैयार होने के बाद यह समस्या और गंभीर हो सकती है। ऐसे में गोलचक्कर पर यातायात सुगम बनाने के लिए अंडरपास बनाने की योजना तैयार की गई।
छिजारसी की बाधा दूर करने की कवायद
एफएनजी एक्सप्रेसवे पर यातायात को सुचारू बनाने के लिए छिजारसी कट से लेकर एनएच-9 के बीच के हिस्से में सुधार का काम भी प्रगति पर है। छिजारसी के पास 640 मीटर लंबा फ्लाईओवर बनाने की योजना है। प्राधिकरण ने इसके लिए एनएचएआई (NHAI) से संपर्क किया है।
फेस-2 और ग्रेनो वेस्ट के लिए सुगम कनेक्टिविटी
अंडरपास के बनने से फेस-2, सोहरखा और बिसरख के साथ-साथ ग्रेनो वेस्ट की ओर जाने वाले यात्रियों को यातायात की बेहतर सुविधा मिलेगी। अंडरपास की बदौलत पर्थला ब्रिज से किसान चौक तक का सफर बेहद सुगम हो जाएगा।
ये भी पढें..
Noida: नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के कामकाज की सीएम योगी करेंगे समीक्षा
नववर्ष पर तोहफा मिलने की उम्मीद
अगर सबकुछ योजनानुसार हुआ तो यह अंडरपास शहरवासियों के लिए नववर्ष पर एक तोहफे के रूप में पेश किया जा सकता है। प्राधिकरण ने इस परियोजना पर काम तेजी से शुरू करने का लक्ष्य रखा है ताकि शहर में यातायात का दबाव जल्द कम हो सके।

