Noida: नोएडा कलेक्ट्रेट पर संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में चल रहा किसानों का अनिश्चितकालीन धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। बड़ी संख्या में महिला-पुरुष किसानों ने अपनी प्रमुख मांगों को लेकर धरनास्थल पर डटे रहकर संकल्प दोहराया कि वे बिना जीत के घर वापस नहीं लौटेंगे। इस धरने की अध्यक्षता चंदा भाटी ने की, जबकि संचालन उदल आर्य द्वारा किया गया।
किसानों का सरकार पर दबाव, पर आंदोलन जारी
धरने में शामिल किसानों ने सरकार के दबाव के बावजूद अपने आंदोलन को जारी रखते हुए अपनी मांगों पर अडिग रहने का फैसला किया। धरने में शिशांत भाटी, प्रशांत भाटी, गुरप्रीत एडवोकेट, भीम सिंह, अतुल, सुरेश यादव, गबरी यादव, राम सिंह नेताजी, निशांत रावल, सुरेंद्र भाटी और मनवीर भाटी सहित सैकड़ों किसानों की उपस्थिति रही।
कांग्रेस ने दिया समर्थन
कांग्रेस के जिला अध्यक्ष दीपक चोटी वाला ने अपनी टीम के साथ धरनास्थल पर पहुंचकर किसानों को समर्थन दिया। उनके साथ दुष्यंत नागर, गौतम अवाना सहित अन्य कांग्रेस नेता मौजूद रहे। दीपक चोटी वाला ने किसानों को आश्वासन दिया कि यदि आवश्यकता पड़ी, तो कांग्रेस के शीर्ष नेताओं को भी इस आंदोलन में शामिल किया जाएगा। किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष बृजेश भाटी ने इस संघर्ष को “आर-पार की लड़ाई” करार देते हुए कहा कि किसानों की जीत के बिना यह आंदोलन समाप्त नहीं होगा।
समाजवादी पार्टी का समर्थन
समाजवादी पार्टी ने भी इस धरने को अपना पूर्ण समर्थन दिया है। जय जवान जय किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील फौजी ने कहा कि यह आंदोलन चरणबद्ध तरीके से चलेगा, और किसानों का संकल्प है कि वे अपनी मांगें पूरी करवा कर ही धरना समाप्त करेंगे।
किसानों की प्रमुख मांगें
किसान सभा के संयोजक वीर सिंह नागर ने कहा कि किसानों का मुख्य उद्देश्य 10 प्रतिशत आबादी प्लॉट हासिल करना है और इसके बिना वे पीछे नहीं हटेंगे। किसान सभा के जिला अध्यक्ष डॉ. रुपेश वर्मा ने बताया कि यह धरना 10 प्रतिशत आबादी प्लॉट, आबादियों के लीज बैक और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार द्वारा गठित कमेटी की रिपोर्ट को सार्वजनिक करवाने के लिए है।
कमेटी ने अपनी रिपोर्ट अगस्त में प्रस्तुत की थी, लेकिन सरकार अब तक इसे सार्वजनिक नहीं कर पाई है। इस मौके पर किसान परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर खलीफा ने भी किसानों को संबोधित किया और कहा कि जब तक रिपोर्ट की कॉपी किसानों को नहीं मिल जाती, यह धरना जारी रहेगा।
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आंदोलन के अगले कदम
किसानों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे और सरकार से आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। जय जवान जय किसान मोर्चा के नेता सुनील फौजी ने कहा कि आंदोलन का अगला चरण और भी प्रभावी होगा और किसानों का लक्ष्य अपनी मांगों को मनवाना है।

