नोएडा और ग्रेटर नोएडा में हवा प्रदूषित (Noida Air Pollution) होती जा रही है। मंगलवार को पूरे दिन दोनों शहरों में स्मॉग की चादर छाई रही। ग्रेटर नोएडा का AQI 375 और नोएडा का AQI 329 दर्ज किया गया है। एनसीआर में सबसे प्रदूषित शहर रहा। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) के अधिकारियों ने कहा है कि जल्द ही दोनों शहरों में एक्यूआई 400 तक जा सकता है। बढ़ते प्रदूषण को देख जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) का सख्ती के साथ पालन कराने के निर्देश दिए हैं।
चार दिनों से नोएडा की हवा रेड जोन में
पिछले चार दिन से नोएडा और ग्रेटर नोएडा की हवा प्रदूषित होती जा रही है। मंगलवार को ग्रेटर नोएडा देश का सातवां सबसे प्रदूषित शहर रहा है। (Noida Air Pollution)यहां पिछले चार दिन से एक्यूआई रेड जोन में बना हुआ है। वहीं नोएडा देश का नौवां और एनसीआर का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा है। वायु प्रदूषण के कारण मंगलवार की सुबह स्मॉग की चादर छाई रही। जिसमें लोगों को सांस लेने में काफी परेशानी हो रही है।
डीएम ने अधिकारियों संग बैठक कर ग्रेप का सख्ती से पालन करने का दिया निर्देश
मंगलवार को जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट के सभागार में ग्रैप को लेकर प्राधिकरण और यूपीपीसीबी के अधिकारियों संग बैठक की। बैठक में डीएम ने ग्रेप का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। मौके पर प्राधिकरण के अधिकारियों से सड़क की धूल पर नियंत्रण करने के लिए दिन के साथ-साथ रात में भी निरीक्षण करने को कहा गया। मंगलवार को सेक्टर-62 नोएडा का सबसे प्रदूषित क्षेत्र रहा।(Noida Air Pollution) यहां के मॉनिटरिंग स्टेशन में एक्यूआई 392 दर्ज किया गया। वहीं सेक्टर-116 का एक्यूआई 318 और सेक्टर-1 का एक्यूआई 317 रहा। मंगलवार को सेक्टर-125 की मॉनिटरिंग नहीं हो पाई।
ग्रेप लागू होने के बाद भी नियम की धज्जियां उड़ाने वालों पर लगा जुर्माना
ग्रेप लागू होने के बाद यूपीपीसीबी ने पहली बार बड़ी कार्रवाई कर नाॅलेज पार्क तीन स्थित एनआईईटी कॉलेज पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। क्षेत्रीय अधिकारी देव कुमार गुप्ता ने बताया कि कॉलेज के निर्माणाधीन साइट पर धूल उड़ रही थी। मौक पर ग्रीन नेट और एंटी स्मॉग गन नहीं मिले। निर्माणाधीन साइट के 500 मीटर के दायरे में एक्यूआई मॉनिटरिंग स्टेशन भी है। इसी तरह से नोएडा में वायु प्रदूषण(Noida Air Pollution) फैलाने के 12 मामलों में 11.65 लाख का जुर्माना लगाया गया। अधिकारियों ने बताया कि निर्माण सामग्री को नहीं ढकने, पानी का छिड़काव नहीं करने और निर्माण स्थलों के चारों ओर मेट्रो शीट, ग्रीन कारपेट नहीं मिलने पर जुर्माना लगाया जा रहा है।

