Noida: नोएडा से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। असम के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) की पत्नी के साथ जमीन ठगी का बड़ा मामला उजागर हुआ है। पीड़िता ने नोएडा में एक जमीन खरीदी थी और उसकी रजिस्ट्री भी कराई थी, लेकिन वर्ष 2020 में जब वह अपने पति की सेवानिवृत्ति के बाद जमीन देखने पहुंचीं, तो वह गायब मिली।
चार साल तक लटका रहा मामला
पीड़िता ने कोर्ट में बताया कि उन्होंने जमीन खरीदने के बाद इसे सुरक्षित मानकर नोएडा से असम लौटने का फैसला किया था। लेकिन चार साल बाद जब वह 2020 में जमीन देखने आईं, तो न वहां कोई कब्जा था और न ही जमीन का कोई निशान। इस दौरान उन्होंने कई बार पुलिस से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार, पीड़िता ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद उन्हें राहत मिली।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई FIR
न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद नोएडा पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज की है। पुलिस ने ठगी में शामिल संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है और पीड़िता को न्याय दिलाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप
पूर्व DGP की पत्नी ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने कोई कदम नहीं उठाया, जिससे ठगों को हिम्मत मिली। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें इंसाफ मिलेगा।
जांच में जुटी पुलिस, संगठित गिरोह पर शक
नोएडा पुलिस ने FIR दर्ज करने के बाद जमीन के कागजात और रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में संकेत मिला है कि इस ठगी के पीछे एक संगठित गिरोह का हाथ हो सकता है। पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की है।
नोएडा में बढ़ते जमीन ठगी के मामले
नोएडा में जमीन ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि संगठित गिरोह फर्जी दस्तावेजों के जरिए संपत्ति पर कब्जा कर रहे हैं। प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने और जमीन की खरीद-फरोख्त में पूरी जांच करने की अपील की है।
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अधिकारियों का बयान
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला जमीन से जुड़े संगठित अपराध की ओर इशारा करता है। दोषियों को जल्द पकड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। जमीन की स्थिति और वर्तमान कब्जेदारों की पहचान के लिए गहन जांच जारी है।

