Noida : उत्तर प्रदेश के नोएडा में हाल ही में मंकीपॉक्स के अलर्ट के बाद डेंगू के मामलों में तेजी से वृद्धि देखने को मिल रही है। सितंबर के पहले 12 दिनों में ही डेंगू के 23 नए मामले सामने आए हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग और नागरिकों के बीच चिंता बढ़ गई है।
डेंगू की स्थिति
डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी के चलते जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना तेज बुखार, खांसी और जुकाम के 350 से अधिक केस पहुंच रहे हैं। अस्पताल में डॉक्टरों ने कई मरीजों में प्लेटलेट्स की कमी देखी है, जो डेंगू का एक प्रमुख लक्षण है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस साल अब तक 35 डेंगू केस दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 23 मामले सितंबर माह में ही मिले हैं।
स्वास्थ्य विभाग की तैयारी
चिकित्सीय केंद्रों पर डेंगू की स्क्रीनिंग को लेकर अतिरिक्त सावधानियां बरती जा रही हैं। सीएचसी बादलपुर में प्रतिदिन 450 से 500 मरीज आते हैं, जिनमें से 100 से 150 को तेज बुखार के कारण डेंगू की जांच के लिए रैपिड टेस्ट किट का उपयोग किया जा रहा है। गंभीर मामलों को जिला अस्पताल में रैफर किया जा रहा है। हाल ही में ईएसआई अस्पताल से एक गंभीर डेंगू मरीज को निजी अस्पताल में भेजा गया था, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
नमूनों की जाँच और परिणाम
स्वास्थ्य विभाग ने पिछले (Noida) 12 दिनों में तेज बुखार वाले 6745 मरीजों का परीक्षण किया है, जिनमें से 3761 नमूने जमा किए गए हैं। इस साल मलेरिया के 59 और डेंगू के 35 केस अब तक दर्ज किए गए हैं। पिछले वर्ष कुल 993 मामले रिपोर्ट हुए थे।
लक्षण और इलाज में देरी
निजी अस्पतालों के डॉक्टरों के अनुसार, पिछले सप्ताह (Noida) में लगभग 250 मरीज वायरल बुखार के लक्षणों के साथ आए हैं, जिनमें से 100 में डेंगू के लक्षण पाए गए हैं। बुखार से पीड़ित मरीजों की अनिवार्य डेंगू जांच कराई जा रही है, लेकिन रिपोर्टों की देरी के कारण इलाज भी प्रभावित हो रहा है।
सप्ताह भर की बारिश और जलभराव की वजह से नालियों और बेसमेंट में लार्वा का प्रकोप बढ़ गया है। इस स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए नियमित कीटनाशक और एंटी लार्वा छिड़काव किया जा रहा है। नागरिकों से भी अपील की जा रही है कि वे पानी जमा न होने दें और कूलर आदि को नियमित रूप से साफ रखें।

