Noida: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार ने 1030 केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) जवानों की तैनाती को स्वीकृति दी है। गुरुवार को केंद्र ने नोएडा और नवी मुंबई एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए कुल 2800 जवानों के पदों को मंजूरी दी।
नवी मुंबई और नोएडा को मिली सुरक्षा बल की बड़ी सौगात
केंद्र की इस मंजूरी के तहत नवी मुंबई एयरपोर्ट के लिए 1840 और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए 1030 CISF जवान तैनात किए जाएंगे। इन जवानों को हवाई अड्डे के संचालन शुरू होने से लगभग 45 दिन पहले तैनात किया जाएगा। यह तैनाती एयरपोर्ट्स के परिचालन के पहले चरण में की जा रही है। भविष्य में एयरपोर्ट के विस्तार और दूसरे चरण के संचालन के दौरान सुरक्षा बलों की संख्या में बढ़ोतरी की जाएगी। इन सुरक्षा बलों का नेतृत्व उप महानिरीक्षक (DIG) रैंक के अधिकारी करेंगे।
CISF की विशेषज्ञता का भरोसा
वर्तमान में CISF भारत के 68 हवाई अड्डों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहा है। इसे राष्ट्रीय नागर विमानन सुरक्षा बल के रूप में भी जाना जाता है। हवाई अड्डों की सुरक्षा में CISF की विशेषज्ञता को देखते हुए नवी मुंबई और नोएडा जैसे नए हवाई अड्डों की सुरक्षा का जिम्मा भी इसे सौंपा गया है।
जेवर एयरपोर्ट से मिली नई पहचान
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण गौतमबुद्ध नगर के जेवर क्षेत्र में किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 25 नवंबर 2021 को इसका शिलान्यास किया था। एक समय में पिछड़े क्षेत्र के रूप में जाने जाने वाला जेवर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहा है। एयरपोर्ट के निर्माण के बाद इस क्षेत्र की जमीनों के दाम कई गुना बढ़ गए हैं और इसे आर्थिक गतिविधियों का केंद्र माना जा रहा है।
ये भी पढें..
Delhi: दिल्ली के छह स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, प्रशासन और अभिभावकों में हड़कंप
योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इस परियोजना ने जेवर और उत्तर प्रदेश को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट न केवल क्षेत्रीय विकास को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि भारत के हवाई यातायात को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।

