अंबेडकर विहार के सेक्टर-39 थाना क्षेत्र में 5 वर्षीय बच्चा घर के बाहर खेलते समय संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया। बच्चा ऑटो रिक्शा में सवार होकर घर से करीब तीन किलोमीटर दूर चला गया था। 80 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद सेक्टर-37 थाना प्रभारी और उनकी टीम ने बच्चे को सफलतापूर्वक ढूंढ निकाला। परिजनों को बच्चे के अपहरण और हत्या का शक पड़ोसी पर था।
18 अगस्त को गायब हुआ था बच्चा
बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी राम इकबाल शाह अंबेडकर विहार कॉलोनी में परिवार के साथ रहते हैं। 18 अगस्त की शाम करीब 6 बजे उनका 5 वर्षीय बेटा हिमांशु घर के बाहर खेलते समय लापता हो गया। बच्चे की तलाश के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं लगा। जैसे-जैसे रात होती गई, बच्चे के घर वापस न आने पर परिजनों को किसी अनहोनी की आशंका होने लगी। अगले दिन मामले की सूचना सेक्टर-37 थाने में दी गई। एसीपी प्रवीण सिंह के मार्गदर्शन में बच्चे की सकुशल बरामदगी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस की तीन टीमें बनाई गईं।
पिता को हत्या की आशंका
हिमांशु के पिता ने पड़ोसी से चल रहे विवाद का भी जिक्र किया था और आशंका जताई थी कि पड़ोसी ने ही बच्चे का अपहरण कर उसकी हत्या की है। सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान पता चला कि बच्चा उसके घर के पास एक ऑटो-रिक्शा में चढ़ता हुआ दिखाई दिया। ऑटो के नंबर के आधार पर ड्राइवर से संपर्क किया गया, जिसने बताया कि उसने बच्चे को सेक्टर-71 के पास छोड़ा था। ऑटो ड्राइवर को उस स्थान पर ले जाया गया, जहां उसने बच्चे को छोड़ा था।
सीसीटीवी फुटेज से हुआ खुलासा
सीसीटीवी फुटेज की एक किलोमीटर के दायरे में समीक्षा की गई। इस समीक्षा के दौरान ही यह जानकारी सामने आई कि बच्चा ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों को मिल गया है। ट्रैफिक अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने बच्चे को सेक्टर-49 पुलिस टीम को सौंप दिया है, जिसने उसे शेल्टर होम में रख दिया है। इसके बाद पुलिस टीम शेल्टर होम गई और बच्चे को उसके परिवार से मिलवाया। बच्चे से मिलकर परिवार की खुशी साफ झलक रही थी और राम इकबाल ने नोएडा पुलिस टीम की उनके प्रयासों के लिए प्रशंसा की।

