Noida : नोएडा से एक बड़ी खबर सामने आई है। नोएडा प्राधिकरण (Noida Authority) के खाते से हुई 200 करोड़ रुपए की बड़ी चोरी का मामला आखिरकार सुलझा लिया गया है। पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी मनु पोला को गिरफ्तार कर लिया है। मनु पोला पर 200 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप है और वह पिछले डेढ़ साल से फरार था। इस मामले में नोएडा प्राधिकरण ने पिछले साल सेक्टर 58 में मुकदमा दर्ज कराया था। इसके अलावा, चर्चा है कि इस घोटाले में बैंक अधिकारियों के साथ-साथ नोएडा प्राधिकरण के कुछ अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं।
दो आरोपी गिरफ्तार
अदालत ने मनु पोला के खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी किया था। अंततः, क्राइम ब्रांच और नोएडा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मनु पोला को उसके एक साथी के साथ पकड़ा गया। पुलिस और क्राइम ब्रांच ने कई राज्यों में उनकी तलाश की और आखिरकार इन दोनों आरोपियों को नोएडा से गिरफ्तार किया। डीसीपी शक्ति कुमार अवस्थी ने इस गिरफ्तारी को पुलिस के लिए एक बड़ी कामयाबी बताया और कहा कि अब जांच में यह पता लगाया जाएगा कि इतनी बड़ी रकम का क्या हुआ और इस घोटाले में और कौन-कौन शामिल थे।
क्या है पूरा मामला
नोएडा (Noida) प्राधिकरण द्वारा सेक्टर-62 स्थित एक बैंक में फिक्स डिपॉजिट के लिए भेजे गए 200 करोड़ रुपए में से तीन करोड़ 90 लाख रुपए एक जालसाज ने धोखाधड़ी कर अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए। यह जालसाज 9 करोड़ रुपए और अपने खाते में ट्रांसफर करवाने गया था, तभी इस घोटाले का खुलासा हुआ। नोएडा प्राधिकरण के वित्त एवं लेखा अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने थाना सेक्टर-58 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उनके अनुसार, नोएडा प्राधिकरण के 200 करोड़ रुपए बैंक में एफडी के लिए थे। प्राधिकरण ने कई बैंकों से आवेदन मांगा था और नोएडा के सेक्टर-62 स्थित बैंक ऑफ इंडिया शाखा ने 200 करोड़ की एफडी करने का टेंडर हासिल किया।
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कैसे हुआ घोटाला
नोएडा (Noida) प्राधिकरण ने बैंक को 200 करोड़ रुपए ट्रांसफर कर दिए थे। बैंक के अधिकारी एफडी बनाने की प्रक्रिया में थे, तभी अब्दुल खादर नामक व्यक्ति और बैंक ऑफ इंडिया के कर्मचारियों ने मिलकर नोएडा प्राधिकरण की ओर से फर्जी पत्राचार किया। इसके बाद, तीन अकाउंट खुलवाए और नोएडा प्राधिकरण के फर्जी मेल के माध्यम से उन तीन अकाउंट में तीन करोड़ 90 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए। इस मामले में धारा 420, 467, 468, 471, 120बी और 409 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और जल्द ही अन्य आरोपियों को भी पकड़ने की उम्मीद है।

