नोएडा के नए सीईओ लोकेश एम ने यहां आकर ऐसा किया जो आज तक कोई सीईओ नहीं कर पाया, जिन बिल्डरों ने अथॉरिटी से बिल्डिंग बनाने का लाइसेंस लिया है वह इमारतें कितनी मजबूत हैं यह जानने की कोशिश आज तक किसी अधिकारी ने नहीं की लेकिन आज जैसे ही लोकेश एम ने यह निर्णय लिया और वह सीधे कई सोसाइटीज की जांच करने पहुंच गए तो बिल्डर लॉबी में हड़कंप मच गया सूत्रों के मुताबिक लोकेशन को सूचना मिली है की इमारत में कंस्ट्रक्शन की क्वालिटी ठीक नहीं है इसलिए इनका स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया जाएगा इस ऑडिट से बिल्डिंग की मजबूती और वह कब तक जिंदा रहेगी यानी कि उसकी आयु का क्लियर पता चल जाएगा किस बिल्डर ने कितना घटिया मटेरियल लगाया है इसका भी ऑडिट के जरिए पता लग सकेगा।

बिल्डिंगो का स्ट्रक्चल ऑडिट करेगी नोएडा प्राधिकरण
आपको जानकारी के लिए बता दें कि जब भी कोई बिल्डर अथॉरिटी में नक्शे लिए आवेदन करता है तो उसे शपथ पत्र देना पड़ता है की इमारत में उच्च कोटि का कंस्ट्रक्शन किया जाएगा ताकि लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ ना हो सके आमतौर पर जब बिल्डिंग बनकर तैयार हो जाती है या उससे पहले भी अथॉरिटी की टीम कि ड्यूटी बनती है कि वह समय-समय पर साइट पर जाकर जांच करें लेकिन आमतौर पर कोई भी अधिकारी जांच नहीं करता उसकी वजह यह है कि बिल्डर और प्रोजेक्ट अधिकारियों के बीच में सांठगांठ होती है, उसी साठगांठ को खत्म करने के लिए लोकेश एम ने यह कदम उठाया है।
स्ट्रक्चल ऑडिट से बिल्डिंग की मज़बूती और आयु का चेलगा पता
अगर यह प्रक्रिया लगातार जारी रही तो बिल्डर मजबूर हो जाएंगे अच्छा कंस्ट्रक्शन करने के लिए और राहत मिलेगी आम आदमी को क्योंकि नोएडा में आरडब्ल्यूए की बिल्डर से खराब कंस्ट्रक्शन को लेकर हमेशा लड़ाई होती है

