नोएडा। शहर में अवैध निर्माण की जांच के लिए प्राधिकरण विशेष सेल का गठन करेगा। इसमें कई अधिकारियों की टीम होगी, जो मौके पर जाकर अतिक्रमण की जांच करेगी। कब्जे की रिपोर्ट संबंधित भूलेख विभाग और वर्क सर्किल को भेजी जाएगी। इसके बाद संबंधित विभाग कब्जे हटाएगा। सीईओ के निर्देश पर सेल के गठन की प्रक्रिया चल रही है।
हालांकि, इसमें सबसे बड़ी बाधा नियोजन विभाग में स्टाफ की कमी का भी है क्योंकि इस तरह के कब्जे की जांच के लिए नियोजन विभाग की ओर से नक्शे से मिलान कराना जरूरी होगा। नक्शे से मिलान के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि अमुक जमीन पर कितना कब्जा है। बताया जा रहा है कि प्राधिकरण की ओर से स्टाफ की भर्ती की कवायद हो रही है।
बिल्डरों के अलावा गांवों के अतिक्रमण की भी करनी होगी जांच
नोएडा में बिल्डर परियोजनाओं के अंतर्गत कई बार नक्शे से इतर निर्माण की शिकायतें आती रहती हैं। यही नहीं, हाउसिंग विभाग के अंतर्गत सेक्टरों में बनाए गए भवनों में अतिरिक्त तलों के अलावा नाले घेरने और ग्राउंड फ्लोर पर अतिरिक्त कमरे बनाने की बातें भी सामने आती रही हैं। प्राधिकरण इसके लिए धारा-10 और 14 के तहत आवंटी को नोटिस देता है। आवंटी के खुद ही अतिक्रमण हटाने पर नोटिस वापस ले लिया जाता है। इसके अलावा, गांवों में मुआवजे के विवाद में जमीन पर कब्जे की सूचना मिलती रही है। किसान का दावा होता है कि यह उसकी आबादी की जमीन है। किसान यह भी दावा करता है कि अमुक जमीन का मुआवजा नहीं लिया। लिहाजा यह जमीन उसकी है और प्राधिकरण को उसे वापस कर देना चाहिए। इसके अलावा रेहड़ी-पटरी वालों ने भी शहर में जगह-जगह अतिक्रमण कर रखा है। इस पर भी समय-समय पर एक्शन लिया जाता है, लेकिन अब इस मामले में विशेष सेल की कार्रवाई होगी।

