Noida: नोएडा के जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रनवे पर 9 दिसंबर को इंडिगो एयरलाइंस के एयरबस ए-320 विमान की पहली सफल लैंडिंग हुई। यह लैंडिंग एयरपोर्ट की तकनीकी और परिचालन क्षमता का सफल प्रदर्शन साबित हुई। इस ऐतिहासिक वैलिडेशन फ्लाइट का पूरा डाटा अब नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) को भेज दिया गया है। अगले चरण में एयरपोर्ट संचालक एयरोड्रोम लाइसेंस के लिए आवेदन करेंगे।
पहली बार में सफल रहा परीक्षण
इंडिगो एयरलाइंस की इस वैलिडेशन फ्लाइट ने 25 मिनट तक रनवे और हवाई क्षेत्र में विभिन्न उपकरणों की जांच की। विमान ने इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) और अन्य नेविगेशनल सिस्टम का परीक्षण किया। इसके अलावा, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) के साथ तालमेल का भी सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया। अधिकारियों का कहना है कि यह परीक्षण एयरपोर्ट के उच्च तकनीकी मानकों और परिचालन क्षमता को दर्शाता है।
मार्च 2025 तक कॉमर्शियल उड़ानों की संभावना
डीजीसीए को भेजी गई वैलिडेशन फ्लाइट की रिपोर्ट के आधार पर एयरपोर्ट को मार्च 2025 तक कॉमर्शियल फ्लाइट संचालन का प्रमाणीकरण मिलने की उम्मीद है। प्रमाणीकरण मिलने के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से नियमित उड़ानों की शुरुआत का मार्ग प्रशस्त होगा। एयरपोर्ट के अधिकारियों ने इसे परियोजना के लिए एक मील का पत्थर बताया है और कहा है कि यह परीक्षण अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार एयरपोर्ट की तैयारियों को साबित करता है।
किसानों को मिला तोहफा
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस परियोजना से प्रभावित किसानों के लिए मुआवजे की राशि बढ़ा दी है। अब किसानों को 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से मुआवजा दिया जाएगा। इससे नोएडा एयरपोर्ट परियोजना के काम में तेजी आई है।
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एयरोस्पेस के लिए बड़ा कदम
नोएडा एयरपोर्ट परियोजना के तीसरे और चौथे चरण में भूमि अधिग्रहण और विकास कार्यों को गति दी जा रही है। इसके तहत एयरोस्पेस निर्माताओं के लिए 300 हेक्टेयर जमीन आरक्षित की गई है। इस कदम से भारत के विमानन और एयरोस्पेस क्षेत्र को नई ऊंचाइयां मिलने की उम्मीद है।

