मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर लोकसभा में 8 अगस्त मंगलवार को चर्चा शुरू हो चुकी है कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की शुरुआत की तो इस पर केंद्रीय संसदीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने टोका तो सदन के अंदर ही दोनों नेताओं के बीच बहस शुरू हो गई।
प्रह्लाद जोशी ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव पर राहुल गांधी चर्चा की शुरूआत करने वाले थे और इसको लेकर स्पीकर को लेटर दिया गया था तो आखिर क्यों वह नहीं बोल रहे हैं। गौरव गोगोई ने प्रह्लाद जोशी को जवाब देते हुए कहा कि क्या हम भी यह बताएं कि स्पीकर के दफ्तर के अंदर प्रधानमंत्री क्या-क्या कहते हैं, क्या मैं बताऊं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि हां बताना चाहिए कि प्रधानमंत्री ने क्या कहा?
गौरव गोगोई ने कहा, “अविश्वास प्रस्ताव लाना हमारी मजबूरी थी क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 80 दिनों तक मणिपुर की हिंसा पर चुप थे उन्होंने कहा कि हम जानते हैं हमारे पास संख्या बल नहीं है लेकिन यह बात संख्या की है भी नहीं क्योंकि हम मणिपुर पर चर्चा करना चाहते हैं उन्होंने कहा हम इस प्रस्ताव के कारण पीएम मोदी के मौन व्रत को तोड़ना चाहते हैं।”
कांग्रेस पर पलटवार करते हुए बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा, “मैं मणिपुर के इतिहास का मुक्तभोगी हूं मेरे मामा पर मणिपुर में अटैक हुआ था। सदन में राहुल गांधी क्यों नहीं बोले सदन में आज राहुल गांधी ने तैयारी करके नहीं आए।
अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने सुप्रीम कोर्ट की ओर से ‘मोदी’ सरनेम टिप्पणी मामले में राहुल गांधी की सजा पर रोक लगाने का मुद्दा उठाया, जिसके बाद उनकी सदस्यता बहाल की गई उन्होंने कहा, ”सुप्रीम कोर्ट ने कोई फैसला नहीं दिया है, स्थगन आदेश दिया है वे कह रहे हैं कि वे माफी नहीं मांगेंगे दूसरी बात, वे कहते हैं मैं सावरकर नहीं हूं आप कभी सावरकर नहीं हो सकते क्योंकि सावरकर ने 28 साल जेल में गुजारे थे।
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा, “गरीब के बेटे के खिलाफ है ये अविश्वास प्रस्ताव. गरीब को घर देने के खिलाफ है। 2024 में हम 400 सीटों के साथ बीजेपी सत्ता में वापसी करेगी। लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर 8, 9 और 10 अगस्त तक चर्चा होगी जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 अगस्त को चर्चा पर जवाब देंगे।

