सुप्रीम कोर्ट आज NEET-UG 2024 परीक्षा में पेपर लीक और कथित अनियमितताओं के आरोपों पर अपना विस्तृत फैसला सुनाया । शीर्ष अदालत मेडिकल प्रवेश परीक्षा को रद्द न करने के विस्तृत कारण भी बताया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अपनी सुनवाई में कहा कि नीट-यूजी 2024 परीक्षा में कोई प्रणालीगत उल्लंघन नहीं हुआ है, साथ ही कहा कि लीक केवल पटना और हजारीबाग तक ही सीमित थी।
NEET-UG पर कोर्ट का फैसला
शीर्ष अदालत ने नीट-यूजी 2024 के संबंध में अपना फैसला सुनाते हुए कहा, हमने कहा है कि एनटीए को अब फ्लिप फ्लॉप से बचना चाहिए जो अभी हुआ है क्योंकि यह अच्छा काम नहीं करता है। ये मुद्दे जैसे कि स्ट्रांग रूम में पिछला दरवाजा खुला रखा जाना आदि, फिर प्रतिपूरक अंक देना, फिर ग्रेस अंक जिसके कारण 44 को 720/720 अंक मिले। मने NTA की सभी त्रुटियों को उजागर किया है और इसलिए समिति को इनकी पहचान करनी चाहिए और इन्हें सुधारना चाहिए।
NTA की त्रुटियों को तत्काल सुधारने का निर्देश
फैसला सुनाते हुए मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने इस बात पर जोर दिया कि समिति को राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की सभी पहचानी गई त्रुटियों को संबोधित करने और सुधारने की आवश्यकता है। सीजेआई ने कहा कि केंद्र को पेपर लीक के पुनरावृत्ति को रोकने के लिए इन मुद्दों को एक साल के भीतर हल करना चाहिए।

