Narendra Modi Cabinet: देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा मनोनीत और एनडीए संसदीय दल के नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राष्ट्रपति भवन में लगातार तीसरी बार पद की शपथ लेंगे। पीएम मोदी अपने पूरे मंत्रिमंडल के साथ शपथ लेंगे, जिससे शपथ ग्रहण समारोह एक भव्य समारोह बन जाएगा। पीएम मोदी के मंत्रिमंडल को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। रिपोर्ट्स बताती हैं कि बीजेपी ने एनडीए के अपने सहयोगियों को संकेत दिया है कि वे बड़े मंत्रालयों की उम्मीद न करें, क्योंकि पार्टी प्रमुख मंत्रालयों को अपने पास रखना चाहती है।
बता दें कि शुक्रवार को एनडीए संसदीय दल की बैठक और पीएम मोदी के गठबंधन नेता के रूप में चुने जाने के बाद मंत्रियों और विभागों को लेकर चर्चा शुरू हुई, जो शनिवार को भी जारी रही। अब संकेत मिल रहे हैं कि बीजेपी ने अपने गठबंधन सहयोगियों को मंत्री पदों और विभागों को लेकर अपनी उम्मीदें कम करने की सलाह दी है। माना जा रहा है कि पार्टी ने अपने सहयोगियों को भरोसा दिलाया है कि उनकी सभी अधूरी आकांक्षाएं उचित समय पर पूरी की जाएंगी।
चार प्रमुख मंत्रालयों पर चर्चा करने को तैयार नहीं बीजेपी
सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि बीजेपी कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) में शामिल सभी मंत्रालयों को अपने पास रखने की योजना बना रही है। सीसीएस में प्रधानमंत्री, गृह, रक्षा, वित्त और विदेश मंत्रालय शामिल हैं। भाजपा ने अपने सहयोगियों को स्पष्ट कर दिया है कि वह इन चार मंत्रालयों पर चर्चा करने को तैयार नहीं है। इसके अलावा, भाजपा संसदीय कार्य, शिक्षा, संस्कृति और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के साथ-साथ लोकसभा अध्यक्ष का पद भी अपने पास रख सकती है। अगर पार्टी इन पदों को बरकरार रखने और अपने सहयोगियों की सहमति हासिल करने में सफल होती है, तो इसे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जाएगा।
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कई मंत्रियों के दोबारा शामिल होने की संभावना
भाजपा अपने लिए सब कुछ नहीं रखेगी। सूत्रों का कहना है कि गठबंधन सहयोगियों को कुल 12-16 मंत्री पद आवंटित किए जा सकते हैं। भाजपा द्वारा टीडीपी, जेडीयू, शिवसेना और एलजेपी जैसी पार्टियों से और मंत्री बनाए जाने की उम्मीद है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि भाजपा के खेमे से कौन से नेता मंत्री बनाए जाएंगे, लेकिन माना जा रहा है कि पिछले कार्यकाल के कई मंत्रियों को दोबारा शामिल किया जा सकता है, जिनमें अमित शाह, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और वैष्णव जैसे नाम शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, भाजपा राज्य के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों शिवराज सिंह चौहान और मनोहर लाल खट्टर को केंद्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंप सकती है।

