हरियाणा के नूह में हुए सांप्रदायिक दंगे को लेकर सियासत तेज हो गई है। हरियाणा की खट्टर सरकार को विपक्षी दलों के नेताओं ने आड़े हांथों लिया है। इसी क्रम में बसपा प्रमुख और उत्तरप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी हरियाणा सरकार पर जमकर निशाना साधा है और कानून व्यवस्था ठीक से नहीं संभाल सकने को लेकर खरी खोटी सुनाई है।
मायावती ने कहा कि हरियाणा राज्य में सांप्रदायिक दंगा भड़कना, इस हिंसा में कई लोगों के हताहत होने के साथ ही धार्मिक स्थल सहित लोगों की सम्पत्ति की हानि होने से यह साबित होता है कि मणिपुर की तरह ही हरियाणा में भी कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त है। वहां की सरकार का खुफिया तंत्र भी निष्क्रिय है। जो दुखद, दुर्भाग्यपूर्ण और चिंता जनक है।
हरियाणा और मणिपुर की घटना बेहद शर्मनाक
पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि हरियाणा सरकार का यह दावा है कि सांप्रादयिक दंगा विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) की यात्रा पर इनके और अन्य सहयोगी संगठन की यात्रा पर पथराव को लेकर शुरू हुआ। इससे यह स्पष्ट है कि हरियाणा सरकार उस यात्रा को सुरक्षा देने में असफल है। बता दें कि बसपा प्रमुख मायावती का मानना है कि राज्य का शासन, प्रशासन और यहां का खुफिया तंत्र इन मामलों में चुस्त और दुरस्त रहने चाहिए। कुल मिलाकर यहां की राज्य सरकार की नीति और नियत को लेकर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।
बता दें कि मायावती ने हरियाणा सरकार पर प्रश्न खड़ा करते हुए कहा कि प्रस्तावित इस यात्रा व जुलूस एवं प्रदर्शन को सुरक्षा नहीं दे पाती है तो सरकार द्वारा ऐसे यात्रा को लेकर अनुमति क्यों दी जाती है। इसको लेकर सभी राज्यों को सोचना चाहिए। उन्होंने कहा कि खासकर नूंह की घटना को लेकर उन्हें यह लगाता है कि हरियाणा सरकार के पास हिंसा को रोकने के लिए पूरी तरह से अभाव है। वैसे हरियाणा और मणिपुर की घटना बेहद शर्मनाक है। इस घटना को लेकर केंद्र सरकार को हस्ताक्षेप करना चाहिए।

