दिल्ली सरकार ने नशीली दवाओं की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए कदम उठाए हैं। ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट ने दिल्ली के सभी केमिस्ट एसोसिएशन को एडवाइजरी जारी कर सभी मेडिकल स्टोर पर सीसीटीवी कैमरे लगाने को अनिवार्य किया है। साथ ही, यह भी निर्देश दिया गया है कि बच्चों को डॉक्टर के पर्चे के बिना एंटीबायोटिक्स और नशीली दवाएं न दी जाएं। सरकार ने इन दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने पर जोर दिया है।
जारी एडवाइजरी में क्या कहा गया है
एडवाइजरी के मुताबिक, शेड्यूल एच, एच1 और एक्स की दवाएं बेचने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों को डॉक्टर के पर्चे के बिना बच्चों को ये दवाएं देने पर रोक है। इसमें यह भी अनिवार्य किया गया है कि सभी मेडिकल स्टोर पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। केमिस्ट एसोसिएशन से उन स्टोर की सूची मांगी गई है, जिन्होंने अभी तक सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए हैं। इस कदम का उद्देश्य बच्चों को नशीली दवाओं की बिक्री को रोकना है। ऑल इंडिया केमिस्ट फेडरेशन के अध्यक्ष कैलाश गुप्ता ने बताया कि बड़ी दुकानों पर पहले से ही सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। हालांकि, इस बात को लेकर संशय है कि क्या इन आदेशों का कोई खास असर होगा या यह सिर्फ कागजी कार्रवाई तक ही सीमित रहेगा।
क्या होते हैं शेड्यूल एच, एच1 और एक्स ड्रग्स
विशेषज्ञ बताते हैं कि शेड्यूल एच, एच1 और एक्स ड्रग्स को डॉक्टर के पर्चे के बिना नहीं खरीदा जा सकता है क्योंकि उनकी खुराक एक मेडिकल प्रोफेशनल द्वारा निर्धारित की जानी चाहिए। बिना मेडिकल मार्गदर्शन के इन दवाओं का लंबे समय तक इस्तेमाल स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है और कभी-कभी जान को भी खतरा हो सकता है। शेड्यूल एक्स में कई तरह की नशीली दवाएँ शामिल हैं, जिनकी खुराक डॉक्टर द्वारा मरीज की व्यक्तिगत ज़रूरतों के आधार पर निर्धारित की जाती है।

