लोकसभा चुनाव की जैसे जैसे तारीखें नजदीक आते जा रहीं है वैसे ही देश का सियासी पारे में भी बढ़ोतरी होती नजर आ रही , लोक गायिका नेहा सिंह राठौर एक बार फिर से सुर्खियों में आ गईं हैं। जानकारी के लिए बता दें कि बिहार की ये बेटी लोकतंत्र की सही परिभाषा को अपने बेहतरीन अंदाज में लोक गीतों के माध्यम से जनता के बीच प्रस्तुत करती है हालांकि सत्ता में बैठे सियासी लोगों को इनके गानों से मिर्ची लग जाती है, यही वजह है कि उनको आम जनता का काफी साथ मिलता है वहीं नेता इनका विरोध करते है। आपको याद ही होगा जब नेहा सिंह ने योगी सरकार की खामियां गिनाते हुए यूपी में काबा गीत गाया था… बड़ी बात ये रही कि उनके शब्दों में इतना पैनापन था कि गोरखपुर के सांसद को अपनी सरकार के बचाव में सामने आना पड़ा था खास बात ये रही कि उसके बाद से वो अम आदमी के बीच बहुत लोकप्रिय हो गईं हालांकि सियासत के जानकार उनपर आरोप लगाते हैं कि वो भाजपा विरोधी हैं हालांकि नेहा का कहना वो सरकार से सवाल करती हैं और भारत के लोकतंत्र की खूबशूरती का लाभ उठाती हैं।
नेहा ने यूपी सरकार पर कसा तंज
बिना समय जाया किए आपको बतातें हैं कि आखिर आज के दिन वो क्यों चर्चा में आईं हैं दरअसल कानपुर में जिस तरह से मां बेटी के आग लगाने का मामला सामने आया था जिसमें साफ तौर पर प्रशासन की गलती और तानाशाही का रैवया नजर आ रहा था। इसी को देखते हुए उन्होंने अपनी कलम को नया रूप देते हुए एक लोक गीत लिखा जिसका नाम दिया यूपी में काबा पार्ट-2 जिसमें उन्होंने इस घटना को रेखांकित करते हुए सरकारी तंत्र को कटघरे में खड़े करने का काम किया गया है। जैसे ही ये गाना सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वैसे ही मानों नेहा कि मुश्किलें बढ़ना शुरू हो गईं।
लोक गायिका नेहा सिंह राठौर को यूपी पुलिस ने नोटिस भेजा है। नेहा राठौर ने हाल ही में “यूपी में का बा” करके एक गीत गया गाया था. इस गीत में नेहा ने कानपुर देहात में हुए बुल्डोज़र एक्शन और उसमें जल कर मरी मां-बेटी को लेकर यूपी सरकार पर तंज कसा था. इस नोटिस में यूपी पुलिस ने लिखा है कि नेहा के इस गीत से समाज में “वैमनस्य और तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई है.” नेहा से तीन दिन में इस गीत को लेकर स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। अब ये तो आगे आने वाला समय बताएगा कि यो मामला किस ओर करवट लेगा, प्रशासन की खोलेगा पोल या फिर नेहा के लिए बनेगा आफत की जड़

