पीएम मोदी के जरिए आज भारत देश का नाम इंटरनेशनल लेवल पर गूंज रहा है। प्रधानमंत्री मोदी आज भारत की संस्कृति विदेश तक फैला रहें हैं। इसका उदाहरण है जापान में जी-7 और क्वाड बैठक में दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश के राष्ट्रपति जो बाइडन ने पीएम मोदी से मिलने के लिए अपनी कुर्सी छोड़ी और उनसे खुद उठ के मुलाकात की इससे साफ संदेश जाहिर हुआ एकता और दो देशों के बीच की दोस्ती का संबंध। इसके बाद पीएम मोदी रविवार (21 मई) को पापुआ न्यू गिनी पहुंचे। एयरपोर्ट पर पापुआ न्यू गिनी के पीएम जेम्स मारापे ने भारत के प्रधानमंत्री के पैर छुए और शुक्रिया किया।
पापुआ गिनी के पीएम ने भारत के प्रधानमंत्री के छुए पैर दिखी दोस्ती
पीएम मोदी जापान में जी-7 और क्वाड बैठक के बाद जैसे ही पापुआ पहुंचे और एयरपोर्ट पर उतरे तो एक ऐतिहासिक पल बन गया जब विदेश के पीएम ने भारत के प्रधानमंत्री के पैर छू लिए। दरअसल कोरोना महामारी में पीएम मोदी ने पापुआ न्यू गिनी की वैक्सीन भेजकर फरिश्ते की तरह मदद की थी यही वजह है कि आज विदेश भी भारत के प्रति नतमस्तक रहता और पीएम मोदी समेत भारत का आदर करता है।
आज भारत की ताकत वैश्विक स्तर पर दिख रही है तो उसका कारण है पीएम मोदी का मैजिक जो विदेशी भी आज भारत की संस्कृति का और पीएम मोदी का सम्मान करते हैं और उनसे खुद मिलने के लिए लालयित रहते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों तीन देशों की यात्रा पर है। पापुआ गिनी में आज 22 मई को उन्होनें फोरम फॉर इंडिया-पैसिफिक आइलैंड्स को-ऑपरेशन (एफआईपीआईसी) के तीसरे शिखर सम्मेलन में दुनिया के विकसित देशों को खरी-खरी सुनाई और कहा जिन्हें हम अपना विश्वसनीय मानते थे। पता चला कि जरूरत के समय वो हमारे साथ नहीं खड़े थे।
पीएम मोदी ने कहा कि आज हम फ्यूल, फूड, फर्टिलाइजर और फार्मा की सप्लाई चेन में बाधाएं देख रहे हैं। इस कठिनाई के समय में हमें जिन पर भरोसा था, वो जरूरत के समय काम नहीं आए उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी का सबसे ज्यादा प्रभाव ग्लोबल साउथ के देशों पर पड़ा था।
एफआईपीआईसी के शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक आपदाएं, भुखमरी, गरीबी और स्वास्थ्य से जुड़ी बहुत सी चुनौतियां पहले से ही थीं। अब नई समस्याएं पैदा हो रही हैं उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि भारत इस चुनौतीपूर्ण अपने पैसिफिक आइलैंड मित्र देशों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहा।
उन्होंने कहा कि भारत में बनी वैक्सीन हो या जरूरत की दवाईयां. गेंहू हो या चीनी. भारत अपनी क्षमताओं के अनुरूप सभी साथी देशों की मदद करता रहा. इस दौरान उन्होंने कहा कि मेरे लिए पैसिफिक आइलैंड देश एक बड़े समुद्री देश हैं, नाकि छोटे आइलैंड देश।
पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे ने वैश्विक मंच पर भारत के नेतृत्व की तारीफ की और पीएम मोदी के समर्थन पर उनका आभार जताया। जेम्स मारापे ने कहा कि हम वैश्विक शक्तियों के टकराव के पीड़ित हैं। आप (पीएम मोदी) ग्लोबल साउथ के नेता हैं। हम ग्लोबल फोरम पर आपके नेतृत्व के साथ खड़े हैं।

