नई दिल्ली। मशहूर पत्रकार और फॉरेंसिक साइंटिस्ट इन्द्रजीत राय को ब्रिटिश संसद हाउस ऑफ कॉमन में आयोजित World Book Record Award सेरेमनी में India’s First and World Longest Serving Forensic Journalist पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

ब्रिटिश संसद हाउस ऑफ कॉमन में आयोजित हुआ समारोह
ब्रिटिश संसद हाउस ऑफ कॉमन में आयोजित World Book Record Award समारोह में ब्रिटिश किंग चार्ल्स तृतीय के आधिकारिक प्रतिनिधि साइमन ओवेन्स, सांसद ग्रीथ थॉमस समेत अन्य कई सांसद मौजूद थे। सेरेमनी में चार्ल्स तृतीय के आधिकारिक प्रतिनिधि साइमन ओवेन्स ने कहा कि एक विकसित समाज के लिए जरूरी हैं समाज के सभी लोग अपना उत्कृष्ट योगदान दें। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन हमेशा से समाज के ऐसे लोगों का सम्मान करता आया हैं। उन्होंने भारतीय फॉरेन्सिक Journalist इन्द्रजीत राय को बधाई देते हुए कहा कि सही मायनों में फॉरेंसिक साइंस के इस्तेमाल से ही फेक न्यूज़ को रोका जा सकता है।

भारतीय Journalist के साथ साथ इन्हें भी मिला सम्मान
Journalist इन्द्रजीत राय फिलहाल एबीपी न्यूज़ चैनल के एक्ज़ीक्यूटिव एडीटर के साथ-साथ फॉरेंसिक साइंटिस्ट है और कई राज्यों की पुलिस एकेडमी के फॉरेंसिक ट्रेनर भी हैं। इससे पहले कई सम्मान से समानित होने वाले इन्द्रजीत राय को ब्रिटिश संसद के हाउस ऑफ कॉमन में आयोजित वर्ल्ड बुक ऑफ रिकार्ड सेरेमनी में India’s First and World Longest Serving Forensic Journalist के लिए वर्ल्ड बुक आर रिकार्ड के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उनके साथ साथ अवार्ड सेरेमनी में कुल 4 अवार्ड और दिए गए। जिसमें भारतीय पत्रकार के अलावा UK पुलिस के डिटेक्टिव केममिस्ट्री और लंदन मे ट्रोपोलिन पुलिस के अधिकारी रंजीसुनिग्रा को भी उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

साइंस और समाज दोनों का विकास जरूरी
World Book Record Award सेरेमनी में बोलते हुए ब्रिटिश सांसद, ग्रीथ थॉमस नें कहा कि शिक्षा ही दुनिया को विकास के रास्ते पर आगे ले जा सकती है, इन्द्रजीत जैसे दूसरे नौजवानों को विज्ञान का कुछ अलग इस्तेमाल भी करना चाहिए ताकि समाज और साइंस दोनों का विकास हो। वही कार्यक्रम में इन्द्रजीत राय नें कहा कि भारत एक महान देश है, इसनें पिछले 10 सालों में तरक्की की तरफ कई कदम बढ़ाए हैं, भारत नें अपने पुराने कानून को बदल दिया है, फॉरेंसिक साइंस अब हर संगीन अपराध की जांच में ज़रुरी हो गया है। जर्नलिज़म अब भारत में हकीकत बन चुका है। वर्ल्ड बुक रिकार्ड के पीस एम्बेसडर हिज़होली ने कहा कि दुनिया में विज्ञान और तकनीक का इस्तेमाल जब शान्ति और सहयोग के लिए होगा तभी सही मायनों में दुनियां विकास के रास्ते पर आगे बढ़ेगी।

