भारतीय सेना का चीता हेलीकॉप्टर (Cheetah Helicopter) अरुणाचल प्रदेश के मंडला पहाड़ी इलाके के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। पायलटों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन (Search Operation) शुरू कर दिया गया है। सेना के सूत्र ने इस बात की जानकारी दी। यह सेन्गे से मिसामारी की ओर उड़ रहा था। हादसे के वक्त हेलीकॉप्टर में पायलट और को-पायलट मौजूद थे।
गुवाहाटी के जनसंपर्क अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत (Lt. Col. Mahendra Rawat) ने पुष्टि की कि ऑपरेशनल सॉर्टी पर चीता हेलीकॉप्टर का आज सुबह करीब 9.15 बजे एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) से संपर्क टूट गया था।
ये पहली बार नहीं है जब चीता हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया हो इससे पहले साल 2022 में भी इंडियन आर्मी का चीता हेलीकॉप्ट तवांग के पास क्रैश हो गया था। इस हादसे में दो पायलटों में से एक की मौत हो गई थी। असम के तेजपुर में सेना के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया था कि तवांग के पास अग्रिम क्षेत्र में उड़ान भर रहा सेना का एक चीता हेलीकॉप्टर 5 अक्टूबर 2022 में सुबह करीब 10 बजे एक नियमित उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। दोनों पायलटों को पास के एक अस्पताल ले जाया गया था लेकिन एक को नहीं बचाया जा सका। मृतक पायलट की पहचान लेफ्टिनेंट कर्नल सौरभ यादव के रूप में हुई थी।
पिछले पांच सालों में भारतीय मिलिट्री यानी तीनों सेनाओं के 18 हेलिकॉप्टर क्रैश हो चुके हैं। यह जानकारी पिछले साल 17 दिसंबर को लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में राज्य रक्षामंत्री अजय भट्ट ने दी थी। 2017 से लेकर 2021 तक 15 हादसे हुए थे। इसके बाद तीन हादसे और हो चुके हैं। इसमें से दो हादसे साल 2022 में अक्टूबर महीने में ही हुए थे। इसमें रुद्र और चीता हेलिकॉप्टर शामिल थे।

