रविवार की सुबह देश की राजधानी दिल्ली में बने अवैध निर्माण मंदिर और दरगाह को हटाया गया। भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया जिससे तनाव की स्थिति पैदा ना हो सके। पहले दरगाह को हटाया गया जो की तीन दशक से ज्यादा पुरानी बताई गई उसके बाद हनुमान मंदिर को तोड़ा गया।
भारी सुरक्षा के तहत पहले मजार को गिराया गया क्योंकि एक तो दरगाह अवैध निर्माण तरीके से बनी हुई थी और ऊपर से मजार बीच सड़क पर आ गई थी जिससे ट्रैफिक की समस्या काफी होने लगी थी इसलिए इसे हटाने के लिए काफी समय से मांग की जा रही थी और रविवार 2 जुलाई को इसे सुबह सुबह हटा दिया गया।
दरगाह के बराबर में हनुमान मंदिर है जब इसे भी तोड़े जाने के लिए PWD की टीम पहुंची तो वहां के आसपास लोगों ने विरोध किया लेकिन भारी पुलिस सुरक्षा बल के तहत मंदिर को तोड़ दिया गया। दरगाह और मंदिर आस पास और ऊपर से यहां पर पीडब्ल्यूडी का डबल डेकर फ्लाईओवर का निर्माण हो रहा है जिसमें ऊपर मेट्रो रूट और नीचे सड़क बन रही है तो घंटो लंबे जाम की स्थिति बनी रहती थी इसलिए मंदिर और दरगाह को ध्वस्त कर दिया गया।
शांति तरीके से हनुमान मंदिर और दरगाह को तोड़ा गया। इससे पहले 10 दिन पहले यानी 22 जून को भी दिल्ली के मंडावली इलाके में शनि मंदिर के बाहर अवैध रेलिंग को तोड़ने भी टीम पहुंची थी लेकिन उन्हें वहां के स्थानीय लोंगो के जबरदस्त विरोध झेलना पड़ा था। महिलाएं भी पुलिस से भिड़ गईं थीं शनि मंदिर का ग्रिल हटाने की कार्रवाई पर महिलाओं और पुलिस के बीच इतनी बुरी झड़प हुई थी कि महिलाएं घायल भी हो गईं थीं महिलाओं ने पुलिस पर कई आरोप भी लगाए थे। महिलाओं ने पुलिसकर्मियों पर आरोप लगाया था कि उन्होंने विरोध करने में शामिल महिलाओं के कपड़े तक फाड़ दिए
थे।

