अग्निपथ योजना को चुनौती देने वाली सभी याचिकाओं पर दिल्ली उच्च न्यायालय(Delhi High Court) 27 फरवरी को फैसला सुनाएगा। ये योजना 14 जून को शुरू की गई थी। कोर्ट तय करेगा कि क्या ये योजना संविधान के अनुरूप है या नहीं। दिल्ली हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ फैसला सुनाएगी।
हालांकि दिल्ली हाईकोर्ट ने इस योजना का समर्थन किया है। अब हाईकोर्ट अपने फैसले में यह तय करेगा कि केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना सही है या नहीं। दिल्ली हाईकोर्ट ने पिछले साल 15 दिसंबर को फैसला सुरक्षित किया था।
इस योजना को लेकर काफी विवाद भी हो चुका है, क्योंकि योजना के नियमों के अनुसार, साढ़े 17 से 21 वर्ष की आयु के लोग इस योजना के तहत देश के प्रहरी के लिए आवेदन करने के पात्र होंगे, जबरदस्त विरोध के बाद बाद में सरकार ने 2022 में भर्ती के लिए ऊपरी आयु सीमा को बढ़ाकर 23 वर्ष कर दिया था।
केंद्र की एनडीए सरकार ने पिछले साल तीनों सेनाओं में जवानों की भर्ती के लिए अग्निपथ योजना का ऐलान किया था। सरकार ने अब अग्निपथ योजना के तहत भर्ती नियमों में बड़ा बदलाव किया है। इसके तहत ITI- पॉलिटेक्निक पास आउट आवेदन कर सकेंगे। सेना ने अग्निपथ भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को बढ़ा दिया है। प्री स्किल्ड युवा भी अग्निपथ भर्ती में हिस्सा ले सकेंगे। ITI- पॉलिटेक्निक पास आउट टेक्निकल ब्रांच में आवेदन कर सकेंगे।
इससे प्री स्किल्ड युवाओं को विशेष प्रोत्साहन मिलेगा. इतना ही नहीं इससे ट्रेनिंग टाइम भी कम होगा। इस बड़े बदलाव के बाद अब और अधिक युवा उम्मीदवारों को योजना में शामिल होने का मौका मिलेगा।

