Hathras Stampede: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हाथरस कांड के बाद की गई प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की आलोचना की है। सपा अध्यक्ष ने इस मामले में हुई छोटी-मोटी गिरफ्तारियों को साजिश बताया और इन गिरफ्तारियों की न्यायिक जांच की मांग की।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्हें लिखे गए एक पत्र को शेयर कर गिरफ्तारियों पर सवाल उठाए। यह पत्र हाथरस कांड में पूछताछ के लिए ले जाए गए रामलड़ैत यादव के बेटे अंकित यादव का था। पत्र में अंकित ने दावा किया कि उसके पिता घटनास्थल से दो किलोमीटर दूर थे, फिर भी पुलिस उसे ले गई, जबकि उसके पिता का घटना से कोई संबंध नहीं था।
सपा प्रमुख ने गिरफ्तारियों पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने लिखा, “यूपी प्रशासन ‘हाथरस कांड’ में अपनी विफलता को छिपाने के लिए छोटी-मोटी गिरफ्तारियां कर रहा है और सैकड़ों लोगों की मौत की जिम्मेदारी से बच रहा है। अगर ऐसा होता है तो इसका मतलब होगा कि ऐसी प्रशासनिक विफलताओं से कोई सबक नहीं सीखा गया है और भविष्य में ऐसी घटनाएं दोहराई जाती रहेंगी।”
उन्होंने आगे कहा कि प्रशासन किसी खास इरादे से मुख्य कार्यक्रम स्थल से दूर मौजूद लोगों को गिरफ्तार कर रहा है और गिरफ्तारी के बाद उन पर आरोप लगाने की तैयारी कर रहा है। ये गिरफ्तारियां अपने आप में एक साजिश है। इन गिरफ्तारियों की तुरंत न्यायिक जांच होनी चाहिए ताकि यूपी में भाजपा सरकार का खेल जनता के सामने आ सके।
भाजपा सरकार पर साधा निशाना
अखिलेश यादव ने आगे कहा, “अगर भाजपा सरकार दावा करती है कि ऐसे आयोजनों से उसका कोई लेना-देना नहीं है, तो उसे सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है। इस आयोजन में आए ज्यादातर लोग गरीब, दबे-कुचले, शोषित और वंचित थे। इसका मतलब है कि भाजपा सरकार को ऐसे लोगों की कोई चिंता नहीं है, जबकि सरकार की पहली प्राथमिकता ऐसे लोगों के प्रति होनी चाहिए।

