Hathras Satsang Stampede: हाथरस में भगदड़ की दुखद घटना हुई है। धार्मिक प्रवचन के दौरान अचानक भगदड़ मच गई, जिसमें 150 से ज्यादा लोग घायल हो गए। सैकड़ों लोग बेहोश हो गए हैं, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हादसे में 122 लोगों की मौत हो गई है. यह मृतकों की अंतिम संख्या नहीं है और इसमें इजाफा भी हो सकता है। इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने इस घटना को ‘बेहद दुखद और हृदय विदारक’ बताया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री कार्यालय ने घटना की पूरी रिपोर्ट मांगी है। इसके लिए आगरा के अधिकारियों और अलीगढ़ के कमिश्नर की एक टीम दुर्घटना की जांच के लिए गठित की गई है।
सीएम ने लिया संज्ञान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे का संज्ञान लिया है। स्थिति की समीक्षा करने के बाद उन्होंने कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है। स्थानीय प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं, जिसमें घायलों को बिना देरी के चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना और उनकी देखभाल सुनिश्चित करना शामिल है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दुर्घटना स्थल पर पहुंचकर राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है और आश्वासन दिया है कि प्रशासन द्वारा हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
क्या है पूरा मामला
मंगलवार को हाथरस जिले के सिकंदराराऊ से एटा मार्ग पर फुलेराई गांव में धार्मिक प्रवचन के लिए भारी भीड़ जमा हुई थी। भोले बाबा का प्रवचन सुनने के बाद लोग निकल रहे थे। बाहर निकलने की जल्दी में भगदड़ मच गई, जिससे अफरा-तफरी मच गई। भगदड़ शांत होने के बाद घटनास्थल पर 90 से अधिक पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के शव बिखरे पड़े थे। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और सभी घायलों को अलीगढ़ और एटा के स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचाया। घायलों का फिलहाल इलाज चल रहा है, जबकि मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
पांच जिलों में पोस्टमार्टम
खबर है कि मृतका का पोस्टमार्टम हाथरस, एटा, अलीगढ़ और तीन अन्य जिलों में किया जाएगा। हाथरस के आसपास के सभी जिलों को अलर्ट कर दिया गया है। इस बीच भोले बाबा और उनका पूरा स्टाफ घटनास्थल से चला गया। अभी तक भोले बाबा की तरफ से कोई शिकायत नहीं मिली है।

