Greater Noida: ग्रेटर नोएडा के इको विलेज-2 सोसाइटी में पिछले सप्ताह फैलने वाली बीमारी का कारण अब स्पष्ट हो गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई जांच में खुलासा हुआ है कि सीवर का पानी पेयजल में मिल जाने से यह बीमारी फैली थी। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन की लापरवाही और पेयजल आपूर्ति की खामियों को उजागर कर दिया है।
पानी में ई-कोलाई बैक्टीरिया की पुष्टि
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सोसाइटी में 300 से अधिक लोग दस्त, उल्टी और बुखार जैसी गंभीर समस्याओं से पीड़ित हुए। हालात को देखते हुए विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पानी के नमूने जांच के लिए भेजे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि निजी प्रयोगशाला की रिपोर्ट में पानी में ई-कोलाई बैक्टीरिया की मौजूदगी पाई गई है। इस बैक्टीरिया का मिलना स्पष्ट संकेत है कि पेयजल में सीवर का पानी मिला हुआ था, जो लीकेज के कारण पेयजल लाइन में प्रवेश कर गया।
स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी और सावधानी के निर्देश
स्वास्थ्य विभाग ने इको विलेज-2 के निवासियों को आगाह करते हुए उबला हुआ पानी पीने की सलाह दी है। विभाग ने सोसाइटी में विशेष चिकित्सा शिविर लगाने की योजना बनाई है, जहां निवासियों को मुफ्त चिकित्सा सेवाएं और दवाइयां उपलब्ध कराई जाएंगी।
ये भी पढ़ें..
प्रशासन की लापरवाही उजागर
इस घटना ने स्थानीय प्रशासन की लापरवाही को सामने ला दिया है। निवासियों ने प्रशासन से शीघ्रता से पेयजल आपूर्ति और सीवर की समस्याओं को हल करने की मांग की है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने बताया है कि मामले की पूरी जांच के बाद ही प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी, जिससे ऐसी घटनाएं भविष्य में न हो सकें।

